साहित्यकार और समाजसेवी ऋचा राय लखनऊ में सम्मानित; महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के लिए मिला सम्मान
लखनऊ, 08 जून 2026: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर जन कल्याण महासमिति से संबद्ध संकट मोचन जन कल्याण समिति द्वारा हिन्दी की सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं निष्ठावान समाजसेवी ऋचा राय को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान के लिए एक विशेष समारोह में सम्मानित किया गया। समिति ने उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक और अनुकरणीय बताया।
सकारात्मक चिंतन और सामाजिक चेतना जगाती हैं ऋचा राय की पुस्तकें
ऋचा राय हिन्दी साहित्य जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिनकी लेखनी समाज में जागरूकता और सकारात्मक विमर्श को बढ़ावा देने का काम करती है। समारोह के दौरान उनकी बहुचर्चित कृतियों की विशेष रूप से सराहना की गई:
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छठी मईया (वैदिक दर्शन): यह पुस्तक भारतीय संस्कृति और वैदिक दर्शन के गहरे आयामों को पाठकों के सामने सरल रूप में प्रस्तुत करती है।
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अदृश्य शत्रु एवं जीवन तेरा परिचय क्या है: ये कृतियां मानवीय संवेदनाओं, समकालीन चुनौतियों और जीवन के फलसफे को रेखांकित करते हुए समाज को सही दिशा दिखाने का प्रयास करती हैं।
15 वर्षों से महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा के लिए समर्पित
ऋचा राय केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि धरातल पर भी पिछले 15 वर्षों से लगातार समाज सुधार के कार्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment), वंचित वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में कई जमीनी बदलाव किए हैं। उनके इन्हीं बहुआयामी प्रयासों को देखते हुए समिति ने उन्हें अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह के अंत में संकट मोचन जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने ऋचा राय के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सक्रियता की कामना करते हुए कहा कि उनका साहित्य और उनकी समाज सेवा आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।

