उत्तर भारत में लिवर ट्रांसप्लांट में बढ़ोतरी, जागरूकता और लिविंग डोनेशन से मिल रहा बल

Liver transplants are on the rise in North India, fueled by awareness and living donation.
 
Liver transplants are on the rise in North India, fueled by awareness and living donation.

लखनऊ, 28 जनवरी 2026।  उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही हैं। हालांकि, इसी के साथ मरीजों और उनके परिजनों की सोच में एक सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल रहा है। लिवर ट्रांसप्लांट को लेकर जागरूकता बढ़ी है और समय पर जांच, सही चिकित्सकीय परामर्श तथा लिविंग लिवर डोनेशन की बढ़ती स्वीकार्यता के चलते अब मरीज पहले ही निर्णायक उपचार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

इस बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने लिवर से जुड़ी सभी आधुनिक सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया है। अस्पताल में जांच, दवाओं द्वारा इलाज, जटिल हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी (HPB) सर्जरी से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट तक की संपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं।

देश में हर वर्ष लगभग 2.5 से 3 लाख लोगों की मौत लिवर रोग और सिरोसिस के कारण होती है। यह बीमारी अब भारत में मृत्यु का आठवां सबसे बड़ा कारण बन चुकी है, जबकि एक दशक पहले यह दसवें स्थान पर थी। उत्तर प्रदेश की स्थिति और भी चिंताजनक है—देश की लगभग 17 प्रतिशत आबादी यहां निवास करती है, लेकिन हर साल अनुमानित 50,000 से 60,000 लोगों की मौत लिवर संबंधी बीमारियों से हो जाती है। इसके विपरीत पूरे प्रदेश में सालाना केवल 200 से 250 लिवर ट्रांसप्लांट ही हो पाते हैं, जिनमें से अधिकांश एनसीआर क्षेत्र में होते हैं। सीमित ट्रांसप्लांट केंद्रों के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को राज्य से बाहर इलाज के लिए जाना पड़ता है।
डॉ. अभिषेक यादव, सीनियर डायरेक्टर एवं प्रमुख, लिवर ट्रांसप्लांट और एचपीबी सर्जरी, अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल ने बताया,
“स्थिति को और गंभीर बनाती है फैटी लिवर डिजीज, जो अब 30 से 35 प्रतिशत आबादी को प्रभावित कर रही है और कुछ क्षेत्रों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। यह बीमारी अक्सर बिना लक्षणों के धीरे-धीरे सिरोसिस और लिवर फेल्योर तक पहुंच जाती है। राहत की बात यह है कि अब मरीज पहले की तुलना में जल्दी चिकित्सकीय सलाह ले रहे हैं और लिवर ट्रांसप्लांट को सुरक्षित व प्रभावी इलाज के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।
अपोलोमेडिक्स उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा अस्पतालों में शामिल है, जहां बच्चों के लिए भी लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही अस्पताल में आपातकालीन लिवर ट्रांसप्लांट के लिए विशेष सेट-अप, प्रशिक्षित टीम और चौबीसों घंटे तैयार व्यवस्था मौजूद है। अचानक होने वाले एक्यूट लिवर फेल्योर के मामलों में यह सुविधा कई बार जीवनरक्षक साबित होती है। यहां उपचार के परिणाम देश के प्रमुख केंद्रों के समकक्ष हैं और कुल सफलता दर 95 प्रतिशत से अधिक है।
डॉ. जयेंद्र शुक्ला, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने कहा, लिवर रोग चुपचाप भारत की सबसे घातक बीमारियों में शामिल हो चुका है। उत्तर प्रदेश में चुनौती केवल बीमारी का बढ़ता बोझ नहीं, बल्कि देर से रेफरल और ट्रांसप्लांट सुविधाओं तक सीमित पहुंच भी है। अच्छी बात यह है कि अब लोग लिवर ट्रांसप्लांट से डरते नहीं हैं। जागरूकता बढ़ी है, परिवार लिविंग डोनेशन के लिए आगे आ रहे हैं और मरीज समय रहते ट्रांसप्लांट केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।”
डॉ. राजीव रंजन सिंह, डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने बताया,
“लिवर कार्यक्रम एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, इंटेंसिविस्ट, पीडियाट्रिक विशेषज्ञ और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर शामिल हैं। इसी समन्वित प्रयास का परिणाम है कि पिछले तीन महीनों में ही यहां सात से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं। डॉ. उत्कर्ष श्रीवास्तव, कंसल्टेंट, लिवर ट्रांसप्लांट एवं गैस्ट्रो सर्जरी ने कहा, लिवर रोग का इलाज जटिल होता है, इसलिए समय पर सटीक निर्णय बेहद जरूरी होता है। बेहतर काउंसलिंग और सही जानकारी के चलते अब मरीज और उनके परिवार समझ पा रहे हैं
कि लिवर ट्रांसप्लांट एक स्थापित और सुरक्षित उपचार है। बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए एक ही कार्यक्रम के तहत आपातकालीन ट्रांसप्लांट की सुविधा होने से निर्णय तेजी से लिए जा सकते हैं और नतीजे बेहतर होते हैं।”
डॉ. मयंक सोमानी, एमडी एवं सीईओ, अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने कहा, उत्तर प्रदेश में लिवर ट्रांसप्लांट और लिविंग डोनेशन को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह आवश्यक हो गया है कि बच्चों और आपातकालीन लिवर ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत और समय-संवेदनशील सेवाएं मरीजों को उनके घर के पास उपलब्ध हों। अपोलो के देशभर में फैले 75 से अधिक अस्पतालों के नेटवर्क के सहयोग से अपोलोमेडिक्स मरीजों और उनके परिवारों का आर्थिक और मानसिक बोझ कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
लखनऊ तेजी से एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। ऐसे में अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में सभी आयु वर्ग—विशेषकर बच्चों—के लिए उन्नत लिवर उपचार और ट्रांसप्लांट की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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