पायनियर स्कूल में परंपरागत विधि से मनाया गया लोहड़ी पर्व
]डॉ. एम.पी. तिवारी ने विद्यार्थियों को मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भारत का प्रमुख पर्व है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ नेपाल में भी अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर गंगा स्नान एवं दान-पुण्य को अत्यंत शुभ माना गया है।

वहीं प्रधानाचार्य समरजीत सिंह नंदा ने लोहड़ी पर्व की सांस्कृतिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह प्रमुख पंजाबी त्योहार है, जो पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी के दिन शाम को अग्नि प्रज्ज्वलित कर तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित करने की परंपरा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कला प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्रों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया और पंजाबी गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्या शिखा पांडेय, राघवेंद्र त्रिपाठी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. एम.पी. तिवारी ने कहा कि लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे पर्व हमें एकता, भाईचारे और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देते हैं तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का अवसर प्रदान करते हैं।
