भगवान श्रीकृष्ण अनंत शक्तिशाली हैं, जो पूर्ण ज्ञानवान, पूर्ण सौंदर्यवान, पूर्ण बलवान, पूर्ण धनवान, पूर्ण यशवान एवं पूर्ण वैराग्यवान हैं, जो सभी को आकर्षित करने वाले हैं
द्वितीय एवं अंतिम दिवस इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष एवं वक्ता अपरिमेय श्याम प्रभु जी ने बताया कि हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं में से परम पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ही मूल हैं, उन्होंने हमें बताया कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखने पर यह ज्ञान होता है कि अच्छे लोगों के साथ बुरा तथा बुरे लोगों के साथ अच्छा कभी नहीं हो सकता है। यह तभी तक रहता है जब तक व्यक्ति के पुण्य उसके साथ रहते हैं।
श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि यदि हम आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो सभी धर्म ग्रंथों में समान शिक्षा दी गयी है l श्रीमद भगवत गीता के अनुसार परम पुरषोत्तम श्रीकृष्ण ही परम ईश्वर हैं। अलग अलग धर्मों में उन्हें अलग अलग नामों से जाना जाता है। जिस तरह से सूर्य एक ही होता है लेकिन अलग अलग जगह पर अलग अलग भाषा मे उसको अलग अलग नाम दिया गया है। ठीक उसी तरह ईश्वर भी एक ही है उसे अलग अलग नामों से पुकारा जाता है l
अन्त मे श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अनंत शक्तिशाली हैं, जो पूर्ण ज्ञानवान, पूर्ण सौंदर्यवान, पूर्ण बलवान, पूर्ण धनवान, पूर्ण यशवान एवं पूर्ण वैराग्यवान हैं, जो सभी को आकर्षित करने वाले हैं ।भगवत गीता सेमिनार में एल्डको सौभाग्यम, लखनऊ एवं आस-पास के गणमान्य भक्त उपस्थित रहे, सभी भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन कीर्तन तथा विशेष भोजन प्रसाद का आनंद उठाया।