लखनऊ: 'डिवाइन हार्मनी सेंटर' में संपन्न हुआ दो दिवसीय प्राणिक हीलिंग कोर्स; चक्रों के संतुलन की सीखी बारीकियां
11 मुख्य चक्रों का हुआ गहन विश्लेषण
इस प्रशिक्षण शिविर का कुशल संचालन विख्यात प्राणिक हीलर प्रशिक्षक अभय जौहरी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को मानव शरीर के 11 मुख्य चक्रों (Chakras) की कार्यप्रणाली और उनके महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
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ऊर्जित करने की विधियां: चक्रों को किस प्रकार शुद्ध और ऊर्जित (Energize) किया जाए, इसकी वैज्ञानिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
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स्वास्थ्य संतुलन: प्रतिभागियों को सिखाया गया कि प्राणिक हीलिंग के माध्यम से वे न केवल अपना, बल्कि अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में कैसे सहायक हो सकते हैं।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर
केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से हीलिंग की बारीकियों का अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण में शामिल हुए प्रतिभागियों ने इस अनुभव को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और जीवन में नई ऊर्जा भरने वाला बताया।
संयोजक सर्व मित्र भट्ट ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि वर्तमान समय के तनावपूर्ण जीवन में प्राणिक हीलिंग जैसी प्राचीन विधाएं संजीवनी की तरह काम करती हैं। भविष्य में भी केंद्र द्वारा इस तरह के उन्नत स्तर के कोर्सेज आयोजित किए जाते रहेंगे।

