लखनऊ: ढाबे पर लूट और मारपीट के बाद व्यापारियों का आक्रोश, अंजनी कुमार पाण्डेय ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित व्यापारी शिवनाथ यादव के अनुसार, यह घटना 9 अप्रैल 2026 की रात लगभग 11 बजे की है। आरोप है कि रामजीत वर्मा नामक व्यक्ति अपने 20-25 साथियों के साथ ढाबे पर पहुँचा। भोजन करने के बाद जब उनसे बिल भुगतान के लिए कहा गया, तो उन्होंने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
व्यापारियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप:
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लूटपाट: हमलावरों ने ढाबे में घुसकर लगभग ₹80,000 नगद और सोने के आभूषण लूट लिए।
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जानलेवा हमला: अवैध असलहों का प्रदर्शन करते हुए स्टाफ के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस की भूमिका: व्यापारियों का आरोप है कि उचित कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही चार लोगों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।
व्यापार मंडल का कड़ा रुख
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पाण्डेय मौके पर पहुँचे और व्यापारियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तत्काल एसीपी विभूतिखंड और डीसीपी पूर्वी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जाँच और सही एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
अंजनी कुमार पाण्डेय ने कहा:व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और दोषियों को नहीं पकड़ा, तो हमारा संगठन शासन के उच्चतम स्तर तक इस लड़ाई को ले जाएगा।"
प्रमुख व्यापारियों की उपस्थिति
विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के संरक्षक संजय दीक्षित, अयोध्या रोड अध्यक्ष रतन दास, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, सचिव सत्रोहन, निर्भय सिंह, उत्कर्ष सिंह, राकेश सिंह, प्रभात राय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है।
घटना का विवरण एक नजर में:
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स्थान: यादव ढाबा, अयोध्या रोड, लखनऊ।
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दिनांक: 09 अप्रैल 2026 (रात्रि)।
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प्रमुख मांग: निष्पक्ष एफआईआर और निर्दोषों की रिहाई।
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अगला कदम: कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात का अल्टीमेटम।
