लखनऊ: राष्ट्रवादी पत्रकारिता और सनातन संस्कृति के विस्तार पर मंथन, देव प्रकाश शुक्ला के कार्यालय में हुई अहम बैठक
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सामाजिक दायित्वों पर चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए कानपुर से विशेष रूप से पधारे जाने-माने समाजसेवी और सनातन विचारधारा के ध्वजवाहक शैलेश सिंह जी मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया नेटवर्क की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:
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सकारात्मक जागरूकता: मीडिया के माध्यम से समाज में फैली विसंगतियों को दूर कर सकारात्मकता का संचार करना।
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युवाओं को प्रेरणा: देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रवाद, नैतिक मूल्यों और अपने मूल धर्म के प्रति जागरूक व प्रेरित करना।
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सांस्कृतिक सुदृढ़ता: डिजिटल और मुख्यधारा के मीडिया के जरिए सनातन संस्कृति की जड़ों को और अधिक मजबूती प्रदान करना।
इन गंभीर सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा मीडिया
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में राष्ट्रवादी कूटनीति के तहत समाज के उन बुनियादी मुद्दों को प्रखरता से उठाया जाएगा जो सीधे जनमानस से जुड़े हैं। इसके तहत:
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गौ रक्षा व संवर्धन को बढ़ावा देना।
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महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना।
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हिंदू समाज में एकजुटता व जागरूकता पैदा करना।
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समाज के शोषित और वंचित वर्गों की समस्याओं को उजागर कर प्रशासन तक पहुँचाना।
नेटवर्क का होगा राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार: राकेश कुमार (डायरेक्टर)
इस विशेष चर्चा में मीडिया चैनल के डायरेक्टर राकेश कुमार जी भी मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने चैनल के आगामी विजन को साझा करते हुए तकनीकी अपग्रेडेशन (Technical Expansion) और राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया नेटवर्क का दायरा बढ़ाने को लेकर अपनी महत्वपूर्ण योजनाएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में सही तकनीक के इस्तेमाल से ही सत्य और सकारात्मक समाचारों को तेजी से हर नागरिक तक पहुँचाया जा सकता है।
पत्रकारिता समाज को दिशा देने का सशक्त मंच: देव प्रकाश शुक्ला
बैठक को संबोधित करते हुए हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने कहा कि पत्रकारिता केवल सनसनीखेज खबरें या सूचनाएं परोसने का जरिया नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र को सही मार्गदर्शन देने का एक बेहद जिम्मेदार व सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जो पत्रकारिता सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों, राष्ट्र की सुरक्षा और निःस्वार्थ समाज सेवा के लिए समर्पित होती है, वही देश में एक नई और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है।
एकजुटता का संकल्प: बेहद सौहार्दपूर्ण और आत्मीय वातावरण में संपन्न हुई इस बैठक के अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, विचारकों और सदस्यों ने देश, धर्म और समाज के कल्याण के लिए एकजुट होकर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।

