Lucknow Celestial Event: लखनऊ के आसमान में दिखा साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण; नक्षत्रशाला और विज्ञान नगरी में उमड़ी भीड़
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला: टेलीस्कोप से दिखा अद्भुत नज़ारा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र स्थित इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में ग्रहण दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई थी। उत्तर प्रदेश एमेच्योर एस्टॉनोमर क्लब और नक्षत्रशाला की ओर से तीन विशाल टेलीस्कोप लगाए गए थे। इसके अलावा, एस्ट्रो-फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक विशेष फोटोग्राफी टेलीस्कोप भी उपलब्ध कराया गया था।
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विशेष प्रशिक्षण: विज्ञान अधिकारी सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ में चंद्र ग्रहण का आगमन शाम 6:11 बजे हुआ। इस दौरान क्लब के सदस्यों ने लोगों को न केवल फ्री में एस्ट्रो-फोटोग्राफी के गुर सिखाए, बल्कि चंद्र ग्रहण से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को भी बेहद सरल भाषा में समझाया।
आंचलिक विज्ञान नगरी: बच्चों और युवाओं में दिखा क्रेज
अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी में भी ग्रहण देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। यहाँ उन्नत किस्म के टेलीस्कोप की मदद से लोगों को नि:शुल्क चंद्र ग्रहण दर्शन कराया गया।
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परियोजना समन्वयक डॉ. स्वरूप मंडल ने जानकारी दी कि विज्ञान नगरी विशेष खगोलीय घटनाओं के अवसर पर अक्सर 'आकाश दर्शन' की व्यवस्था करती है, जिससे छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा की जा सके।
ग्रहण के साथ ग्रहों का भी हुआ दीदार
चंद्र ग्रहण के साथ-साथ दर्शकों के लिए आज का दिन 'डबल ट्रीट' जैसा रहा। टेलीस्कोप के जरिए लोगों ने सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) और चमकते शुक्र (Venus) को भी करीब से देखा। खुले आसमान के नीचे टेलीस्कोप से इन ग्रहों को देखना लखनऊवासियों के लिए एक जादुई अनुभव रहा।



