लखनऊ: नाका हिंडोला गुरुद्वारा में सजी गुरमत ज्ञान प्रतियोगिता, सिख इतिहास की परीक्षा में बच्चों ने दिखाया दमखम
22 बच्चों ने 90% से अधिक अंक लाकर लहराया परचम
प्रतियोगिता का परिणाम बेहद प्रभावशाली रहा। परीक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं में से 22 बच्चों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए सभी प्रश्नों के 90% से अधिक सही जवाब दिए। इन सभी सफल और होनहार बच्चों को उनके शानदार ज्ञान के लिए सिख यूथ एसोसिएशन के मुख्य सेवादार हर्षप्रीत सिंह, सुख-सोहल और कंनवलजीत सिंह द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र और सम्मान चिन्ह (मेमेंटो) भेंट कर प्रोत्साहित किया गया।
धार्मिक परंपराओं के साथ बच्चों के उज्जवल भविष्य की अरदास
पुरस्कार वितरण के इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहब के हेड ग्रंथी विनोद सिंह ने सभी प्रतिभागी बच्चों को गुरु घर का आशीर्वाद स्वरूप 'सरोपा साहिब' भेंट किया। इसके साथ ही उन्होंने वाहेगुरु के चरणों में सभी बच्चों के उज्जवल और सफल भविष्य के लिए अरदास भी की।
श्री गुरु सिंह सभा ने टीम को किया सम्मानित, जताया आभार
सिख युवाओं द्वारा समाज और धर्म के प्रति किए जा रहे इस प्रयास की गुरुद्वारा प्रबंधन ने जमकर सराहना की। श्री गुरु सिंह सभा, नाका हिंडोला के अध्यक्ष डॉ. अमरजोत सिंह और कार्यालय सचिव स0 दलजीत सिंह जी ने सिख यूथ एसोसिएशन के सभी सेवादारों और सदस्यों को गुरु घर की ओर से 'सरोपा साहिब' देकर सम्मानित किया और इस सफल धार्मिक आयोजन के लिए पूरी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बिना भेदभाव के बंटा गुरु का लंगर
इस पूरे भव्य कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए गुरुद्वारा साहब के महामंत्री मनमीत सिंह की देखरेख में गुरु का अटूट लंगर तैयार किया गया था। प्रतियोगिता और सम्मान समारोह की समाप्ति के बाद इस लंगर को बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के संगत और बच्चों के बीच पूरी श्रद्धा के साथ वितरित किया गया।
इनका रहा विशेष सहयोग: इस धार्मिक ज्ञान प्रतियोगिता को जमीनी स्तर पर सफल और अनुशासित बनाने में स0 हरमिंदर सिंह, स0 दविंदर सिंह और स0 रनजीत सिंह ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए विशेष सहयोग प्रदान किया।

