सुनीता आहूजा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी पर लखनऊ सीजेएम कोर्ट में हुई बहस
The application for filing a case against Sunita Ahuja was debated in the Lucknow CJM court.
Fri, 21 Nov 2025
लखनऊ। दिनांक 21 दिसंबर 2025 को संजीव द्विवेदी बनाम सुनीता आहूजा (पत्नी—फिल्म अभिनेता गोविंदा) मामले में मुकदमा दर्ज कराने संबंधी अर्जी पर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (कस्टम), लखनऊ की अदालत में बहस हुई। यह प्रकरण मिसलेनियस केस नंबर 6203/2025 के रूप में दर्ज है।
अदालत में बहस पूरी होने के बाद, सीजेएम (कस्टम) श्री अमित कुमार यादव ने मामले पर आदेश हेतु पत्रावली को 4 दिसंबर 2025 से सुरक्षित रखा है।
क्या है अर्जी का मामला?
वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव द्विवेदी, जिन्होंने हाई कोर्ट में भी वर्षों तक प्रैक्टिस की है, ने अदालत में कहा कि एक टीवी शो “आबरा का डाबरा” के दौरान सुनीता आहूजा द्वारा कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं, जिन्हें आवेदक ने समाज विशेष के लिए अपमानजनक बताया है।
अधिवक्ता द्विवेदी ने दलीलों के दौरान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 25 और 26 (धर्म की स्वतंत्रता) तथा अनुच्छेद 51A (मौलिक कर्तव्य) का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अभिव्यक्ति संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता की सीमा से बाहर नहीं हो सकती।
उन्होंने धार्मिक ग्रंथों—भगवद्गीता, रामचरितमानस, कबीर की वाणी तथा चाणक्य नीति—के संदर्भों का उल्लेख करते हुए यह तर्क रखा कि समाज के संवेदनशील वर्गों के सम्मान और आस्था की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।
डिजिटल प्लेटफॉर्मों संबंधी मांगें
अपनी बहस में अधिवक्ता द्विवेदी ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Meta, Facebook, Google, YouTube आदि) से हटाने तथा चैनल पर उपयुक्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, उन्होंने विपक्षी पक्ष के विरुद्ध विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की भी प्रार्थना की।
कार्यवाही आगे बढ़ने की प्रतीक्षा
अदालत द्वारा आदेश सुरक्षित किए जाने के बाद अब इस मामले में निर्णय की प्रतीक्षा है।
