लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: मासूमों की मौत से प्रदेश में भारी आक्रोश, सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

Lucknow Coaching Center Accident: Huge outrage in the state due to the death of innocent people, serious questions raised on safety standards
 
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुरनिया इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भयंकर आग लगने से पूरा प्रदेश स्तब्ध और शोकाकुल है। इस दर्दनाक हादसे ने कई मासूम बच्चों की जान ले ली, जिससे हर तरफ गहरा दुख और गुस्सा है। जिन होनहार बच्चों के कंधों पर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, वे इस लापरवाही की भेंट चढ़ गए। पीड़ित परिवारों की चीखें और उनका दर्द आज पूरे समाज को झकझोर रहा है।

एमएलसी उमेश द्विवेदी ने जताया गहरा शोक; पुरानी घटनाओं की दिलाई याद

इस हृदयविदारक घटना पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) उमेश द्विवेदी ने गहरा दुख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने इसे एक प्रशासनिक और व्यवस्थागत विफलता बताते हुए कहा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है।

उन्होंने लखनऊ में हुए पिछले बड़े अग्निकांडों का जिक्र करते हुए प्रशासन को घेरा:

  • विकासनगर की झुग्गी-झोपड़ियों में लगी आग

  • चारबाग का होटल विराट इन हादसा

  • जापलिंग रोड स्थित होटल लिवाना का भीषण अग्निकांड

श्री द्विवेदी ने कहा कि अतीत में हुए इन हादसों से कोई सबक नहीं लिया गया, जिसके कारण आज फिर मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि इस घटना के असली दोषियों की पहचान कर उन पर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए नजीर बने।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाला मोर्चा; सभी कार्यक्रम रद्द

हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तुरंत रद्द कर दिए हैं। वे राहत और बचाव कार्यों की सीधे निगरानी करने के लिए लखनऊ पहुंच रहे हैं।

सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदम:

  1. सख्त निर्देश: मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को फौरन मौके पर जाकर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

  2. जवाबदेही तय: प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि इस कोताही के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अब सिर्फ वादे नहीं, ठोस कार्रवाई की जरूरत

यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि अब केवल जांच समितियों के गठन और खोखले आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। जनता अब कमर्शियल बिल्डिंग्स और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट और सख्त नियमों की जमीन पर लागू होने की उम्मीद कर रही है, ताकि फिर कभी किसी मां की गोद सूनी न हो।

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