लखनऊ: 'हर 3 महीने में स्कूल कराएं फायर सेफ्टी ड्रिल, 3 मिनट में सुरक्षित बाहर निकलना ही मकसद' - मनोज वर्मा
लखनऊ:कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सिविल डिफेंस, सेवा संकल्प और एजुकेशन कॉसमॉस के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जानकीपुरम स्थित रेड रोज सीनियर सेकेंडरी स्कूलमें आयोजित 'फायर फाइटिंग एंड सेफ्टी ट्रेनिंग' कार्यशाला में विशेषज्ञ अधिकारियों ने बच्चों और शिक्षकों को आग से बचाव के व्यावहारिक गुर सिखाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल डिफेंस के सीनियर असिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर मनोज वर्माने स्कूलों के लिए एक बड़ा और अनिवार्य सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश के हर स्कूल को प्रत्येक तीन महीने के अंतराल में कम से कम एक बार 'फायर सेफ्टी ड्रिल' अनिवार्य रूप से करानी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत किया जा सके।

अलीगंज कोचिंग हादसे का जिक्र कर किया सचेत
नागरिक सुरक्षा अधिकारी मनोज वर्मा ने हाल के दिनों में देश और प्रदेश में हुई अग्निकांड की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण होने वाले हादसों की चपेट में आकर कई बार मासूम विद्यार्थियों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
विगत दिनों अलीगंज की एक कोचिंग में लगी भीषण आग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा:अलीगंज हादसे ने हमसे 15 मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली। ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों और यदि कभी दुर्भाग्यवश ऐसी स्थिति बन भी जाए, तो कम से कम जान-माल का नुकसान हो, इसके लिए हमें अपनी तैयारियों पर लगातार काम करना होगा। फायर ड्रिल का मुख्य उद्देश्य ही यही होता है कि बिना घबराए और बिना भगदड़ मचाए मात्र 3 मिनट के भीतर पूरी इमारत को सुरक्षित खाली करा लिया जाए।"
बच्चों और अध्यापिकाओं ने किया आग बुझाने का लाइव अभ्यास
कार्यशाला के दौरान मनोज वर्मा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को आग के विभिन्न प्रकारों (क्लास ए, बी, सी आदि) के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस तरह की आग पर कौन से अग्निशमन उपकरण का इस्तेमाल करना चाहिए।
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लाइव डेमोस्ट्रैशन: इसके बाद उन्होंने रासायनिक अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) को चलाने की व्यावहारिक विधि (पास - PASS फॉर्मूला) बताई।
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शिक्षकों ने संभाली कमान: प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए स्कूल के बच्चों, शिक्षिकाओं और स्वयं प्रधानाचार्या से मैदान में लाइव आग बुझाने का अभ्यास (मॉक ड्रिल) भी कराया गया।
सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण
इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यशाला में रेड रोज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के उपाय सीखे। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्टाफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी, रेड रोज स्कूल की चेयरपर्सन स्मिता मिश्रा, प्रधानाचार्या श्रीमती आरती, तथा सेवा संकल्प संस्था से सुखप्रीत कौर, अनीता सूद और रंजना तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


