डिजिटल ठगी पर लगेगा लगाम: लखनऊ साइबर सेल ने सिविल डिफेंस वार्डेनों को दिए सुरक्षा के कड़े मंत्र
आईपीएस किरण यादव ने सिखाए सुरक्षा के गुर
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में साइबर क्राइम की एडीसीपी किरण यादव (IPS) शामिल हुईं। उन्होंने बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर चिंता जताते हुए स्वयंसेवकों को सुरक्षा के कड़े मंत्र दिए। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा आम जनमानस को प्रभावित करने वाले कई गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई:
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वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud): बैंक खातों, ओटीपी (OTP) और फर्जी लिंक के जरिए होने वाले पैसों के फ्रॉड से बचने के उपाय।
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डिजिटल प्रतिरूपण (Impersonation): सोशल मीडिया पर किसी अन्य व्यक्ति की फर्जी पहचान या प्रोफाइल बनाकर की जाने वाली ठगी से सुरक्षा।
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साइबर अटैक: आए दिन होने वाले वायरस हमलों और संदिग्ध लिंक्स की पहचान करने के तरीके।
इन वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
यह कार्यशाला सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, स्टाफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी और वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा की विशिष्ट गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इसके साथ ही साइबर सेल के सब इंस्पेक्टर आदिल सईद हसन और हेड कांस्टेबल गौरव शुक्ला ने उपस्थित लोगों को तकनीकी बारीकियों की व्यावहारिक जानकारी दी।
बड़ी संख्या में एकजुट हुए सिविल डिफेंस के जांबाज
इस जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए सिविल डिफेंस के विभिन्न प्रभागों से जुड़े पदाधिकारी भारी संख्या में पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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डिविजनल वार्डेन: संजय जौहर, नफीस अहमद, सुनील कुमार तिवारी, दिनेश माथुर और आशीष कपूर।
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डिप्टी डिविजनल वार्डेन: रामगोपाल सिंह, राजेंद्र श्रीवास्तव, मुशीर अहमद, डॉ. पंकज, गुफरान अहमद, राजेंद्र प्रसाद और सुनील कर्मचंदानी।
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प्रशासनिक सदस्य व वालंटियर्स: स्टाफ ऑफिसर सुमित साहू, ज्योति खरे, अरविंद मिश्रा (आईसीओ) सहित बड़ी संख्या में पोस्ट वार्डेन, सेक्टर वार्डेन और फायर फाइटर्स।
मुख्य संकल्प: कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित वार्डेनों और फायर फाइटर्स ने यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे इस साइबर सुरक्षा ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे, ताकि हर नागरिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण का लाभ उठा सके।
