लखनऊ: इरम एजुकेशनल सोसाइटी का स्थापना दिवस समारोह, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित
डॉ. यूनुस ने शिक्षा को बनाया मिशन: ब्रजेश पाठक
मुख्य अतिथि श्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में संस्थान के संस्थापक डॉ. ख्वाजा मोहम्मद यूनुस को याद करते हुए कहा, "डॉ. यूनुस ने 1970 में जिस संस्था की नींव रखी थी, उसका उद्देश्य व्यवसाय नहीं बल्कि समाज के गरीब तबके को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा से जोड़ना था। उन्होंने पूरा जीवन शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया।" श्री पाठक ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार सोसाइटी के शैक्षिक प्रयासों में हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
वहीँ, श्री दानिश आजाद अंसारी ने भी सोसाइटी के सामाजिक और शैक्षिक योगदान की सराहना की और डॉ. यूनुस के कार्यों को मील का पत्थर बताया।
शिक्षा, संस्कृति और शायरी का संगम: "एक शाम ख्वाजा यूनुस के नाम"
समारोह का दूसरा चरण साहित्य और संस्कृति के नाम रहा। अखिल भारतीय मुशायरे में देश के मशहूर शायरों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया:
-
नवाज देवबंदी, डॉ. मंजर भोपाली, डॉ. महताब आलम और डॉ. अंजुम बाराबंकी जैसे दिग्गज शायरों की गज़लों पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
-
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत 'तराना-ए-इरम' और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
संस्थान के प्रबंधक डॉ. बाज़्मी यूनुस, निदेशक ख्वाजा फैज़ी यूनुस और सचिव श्री सैफ़ी यूनुस ने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर किया। इस गौरवमयी अवसर पर:
-
प्रशासनिक अधिकारी: पवन कुमार (IAS), ओम प्रकाश (IAS)।
-
विशिष्ट अतिथि: अबरार कासिफ, अब्बास रज़ा नैयर, मनीष शुक्ला, डॉ. तारिक कमर और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की भविष्य की रूपरेखा भी साझा की गई। वक्ताओं ने बताया कि आने वाले समय में इरम एजुकेशनल सोसाइटी तकनीकी शिक्षा, शोध (Research) और कौशल विकास (Skill Development) के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।यह आयोजन न केवल एक स्थापना दिवस था, बल्कि डॉ. यूनुस के उन सपनों को श्रद्धांजलि थी, जो शिक्षा और सामाजिक एकता के माध्यम से एक बेहतर समाज का निर्माण करना चाहते थे।


