लखनऊ मण्डल ने रचा इतिहास: यूपी बोर्ड मूल्यांकन कार्य समय से पूर्व 100% पूर्ण, 23 लाख से अधिक कॉपियां जांची गईं

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर लखनऊ मण्डल से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। मण्डल के सभी छह जिलों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल्यांकन कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है।
 
: यूपी बोर्ड मूल्यांकन

लखनऊ | 01 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 18 मार्च 2026 से शुरू किया गया मूल्यांकन अभियान लखनऊ मण्डल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक (JD) डॉ. प्रदीप कुमार के कुशल नेतृत्व में मण्डल के सभी 6 जिलों ने 1 अप्रैल को अपना निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लिया।

मण्डलीय कंट्रोल रूम की सटीक मॉनिटरिंग

मूल्यांकन कार्य को पारदर्शिता और तेजी से पूरा करने के लिए एक मण्डल स्तरीय कंट्रोल रूम का गठन किया गया था। मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार को इस कंट्रोल रूम का नोडल नामित किया गया था। टीम में शामिल अनुभवी सदस्य— वन्दना तिवारी, नीलिमा द्विवेदी, श्रीमती प्रवेश सोनी और अनुप्रिया तिवारी ने प्रथम दिवस से ही जनपदीय कंट्रोल रूम के साथ समन्वय स्थापित कर दैनिक प्रगति की कड़ी मॉनिटरिंग की।

आंकड़ों की जुबानी: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिपोर्ट कार्ड

मण्डलीय कंट्रोल रूम के नोडल डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष बोर्ड सचिव कार्यालय द्वारा लखनऊ मण्डल को भारी संख्या में उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गई थीं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:

  • हाईस्कूल: 12,83,695 (बारह लाख तिरासी हज़ार छह सौ पचानवे) कॉपियां।

  • इंटरमीडिएट: 10,20,415 (दस लाख बीस हज़ार चार सौ पन्द्रह) कॉपियां।

  • कुल मूल्यांकन: 23,04,110 (तेईस लाख चार हज़ार एक सौ दस) उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सफल रही।

इन 6 जिलों ने गाड़े सफलता के झंडे

  1. लखनऊ

  2. हरदोई

  3. सीतापुर

  4. उन्नाव

  5. रायबरेली

  6. लखीमपुर खीरी

परिश्रमिक (पावना पत्र) को लेकर कड़े निर्देश

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने इस बड़ी उपलब्धि पर सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को बधाई दी है। साथ ही, उन्होंने मूल्यांकन कार्य में सहयोग करने वाले प्रत्येक कार्मिक के हितों का ध्यान रखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • समयबद्ध भुगतान: बोर्ड सचिव कार्यालय के निर्देशों के क्रम में सभी कार्मिकों के पावना पत्र ससमय भरकर बोर्ड को उपलब्ध कराए जाएं।

  • त्रुटिरहित डेटा: बैंक विवरण भरते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कार्मिकों के मानदेय भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।

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