लखनऊ: पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब; प्रबुद्ध वर्ग और राजनेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
संघर्ष और मूल्यों की राजनीति के प्रतीक
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सत्यदेव त्रिपाठी के जीवन को समाज सेवा और लोकतंत्र के प्रति अटूट समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वक्ताओं ने कहा कि त्रिपाठी जी ने अपने संपूर्ण जीवन में जनहित को सर्वोपरि रखा और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष किया।
कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ नेता और उनके पुराने साथी भावुक नजर आए। उन्होंने त्रिपाठी जी के:
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सरल स्वभाव: उनकी सादगी और सुलभता की मिसालें दीं।
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स्पष्टवादिता: विचारों की स्पष्टता और सिद्धांतों से समझौता न करने के उनके जज्बे को याद किया।
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लोकतांत्रिक मूल्य: आपातकाल के दौरान उनके संघर्ष और लोकतंत्र को बचाने में उनकी भूमिका पर चर्चा की।
दिग्गज हस्तियों ने साझा किए संस्मरण
पद्मकांत शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने उनके कृतित्व को विस्तार से याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश और देश के राजनीतिक पटल की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं:
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विधायक: शलभ मणि त्रिपाठी, नीरज बोरा, लाखन सिंह राजपूत।
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पूर्व मंत्री व सांसद: पूर्व कृषि मंत्री राम आशीष, पूर्व सांसद संतोष सिंह।
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दलों के प्रतिनिधि: राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष, लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणि शंकर पांडे।
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अन्य गणमान्य: पूर्व विधायक सिद्धार्थ शंकर, विनोद चौधरी, संजीव सिंह और वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह।
पुत्र अभिषेक त्रिपाठी ने जताया आभार
श्रद्धांजलि सभा के अंत में स्वर्गीय सत्यदेव त्रिपाठी के पुत्र अभिषेक त्रिपाठी ने कार्यक्रम में आए सभी आगंतुकों, परिजनों, बुद्धिजीवियों और राजनीतिक सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता के दिखाए गए जनसेवा के मार्ग पर चलना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सत्यदेव त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित इस सभा ने यह सिद्ध कर दिया कि उनके विचार और आदर्श आज भी समाज व राजनीति के लिए उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं।

