लखनऊ बन रहा वैश्विक सिनेमा और कला का उभरता केंद्र: अयूब खान
दो दिवसीय लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 का भव्य समापन
Sun, 19 Apr 2026
लखनऊ। नवाबों के शहर में आयोजित लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 का दो दिवसीय भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 15 और 16 अप्रैल को पीवीआर आइनॉक्स सहारागंज मॉल में आयोजित इस समारोह ने देशभर के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को एक मंच पर एकत्र कर शहर को सिनेमाई रंगों से सराबोर कर दिया।
फेस्टिवल के दौरान विभिन्न श्रेणियों में कुल 210 फिल्मों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट फिल्मों को प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ नकद पुरस्कार देकर फिल्मकारों का उत्साहवर्धन किया गया।

इस वर्ष का मुख्य आकर्षण ‘उत्तर प्रदेश लीजेंड्स अवॉर्ड्स’ रहा, जिसमें प्रदेश की महान विभूतियों की स्मृति में फिल्म और कला जगत की जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में राहुल रवैल (के. आसिफ अवॉर्ड), राज बब्बर (भारत भूषण अवॉर्ड), विशाल भारद्वाज (नौशाद अवॉर्ड), पूनम ढिल्लों (नरगिस दत्त अवॉर्ड), रवि किशन (सुजीत कुमार अवॉर्ड), राजपाल यादव (कन्हैया लाल अवॉर्ड), मनोज मुंतशिर (मजरूह सुल्तानपुरी अवॉर्ड), कमलेश पांडेय (राही मासूम रजा अवॉर्ड), डॉ. विद्या बिंदु सिंह (अटल बिहारी वाजपेयी कवि सम्मान), दीपू श्रीवास्तव (राजू श्रीवास्तव कॉमेडी अवॉर्ड), जूही चतुर्वेदी (मुंशी प्रेमचंद लिटरेरी अवॉर्ड) और बी.एन. तिवारी (बी.के. चतुर्वेदी साउंड एक्सीलेंस अवॉर्ड) प्रमुख रहे।
फेस्टिवल के संस्थापक एवं आयोजक अयूब खान ने बताया कि जो प्रतिभागी समारोह में उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें उनके पुरस्कार भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं, बल्कि वैश्विक सिनेमा और कला का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
मूल रूप से प्रयागराज के निवासी और पिछले 45 वर्षों से मुंबई फिल्म जगत में सक्रिय अयूब खान ने घोषणा की कि अब हर वर्ष प्रदेश की 12 महान विभूतियों के नाम पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समारोह के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
