प्रान्तीय संगठन की लखनऊ बैठक : निकाय कर्मचारियों की पदोन्नति सहित 21 सूत्रीय माँगों के शीघ्र समाधान पर जोर

Provincial organization's Lucknow meeting: Emphasis on immediate resolution of 21 point demands including promotion of civic employees
 
Provincial organization's Lucknow meeting: Emphasis on immediate resolution of 21 point demands including promotion of civic employees
लखनऊ (प्रत्यूष पाण्डेय)।
प्रान्तीय संगठन कार्यालय, लखनऊ में पदाधिकारियों की एक साधारण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत पूर्व प्रान्तीय महामंत्री स्वर्गीय अशोक गोयल को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद संगठन ने निकाय कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रस्तावित एजेंडा जारी किया।
बैठक में प्रमुख रूप से यह माँग उठी कि नगर विकास विभाग संविदा/आउटसोर्सिंग व्यवस्था (ठेका प्रथा) को तत्काल समाप्त कर स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित करे। वर्षों से कार्यरत श्रमिकों का विनियमितीकरण हो तथा जिन संविदा कर्मियों की सेवाएँ समाप्त की गई हैं, उन्हें बहाल किया जाए। साथ ही, निकाय कर्मचारियों की पदोन्नति सहित संगठन की 21 सूत्रीय माँगों का त्वरित निस्तारण किया जाए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि इन माँगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो पंजीकृत सं. 10074 स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन, उत्तर प्रदेश, प्रदेशभर की नगर निकायों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने यह भी याद दिलाया कि 16 जून 2025 को नगर विकास विभाग के विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में प्रान्तीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई थी, जिसमें समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिला था। किंतु आज तक उस वार्ता की कार्यवाही की लिखित प्रति जारी नहीं की गई और न ही ठोस कदम उठाए गए।

निकाय कर्मचारियों के बीच इस उपेक्षा को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। वे अपने अधिकारों की प्राप्ति हेतु संगठन पर दबाव बना रहे हैं। इसी संदर्भ में प्रान्तीय संगठन ने लखनऊ कार्यालय पर यह बैठक बुलाकर आगामी आंदोलन की रणनीति तय की।

बैठक के प्रमुख निर्णय 

शीघ्र ही प्रान्तीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी।
निर्धारित तिथि पर प्रदेश की सभी नगर निकायों में अधिशासी अधिकारियों/जिला अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कार्यकारिणी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरण अभियान चलाएँगे और कर्मचारियों को आंदोलन के लिए संगठित करेंगे।
आगामी दो माह के भीतर लखनऊ में विशाल आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी 

संरक्षक सुभाष शर्मा (मुरादनगर गाजियाबाद), गजराज राम रावत (गाजीपुर), रामचरन अहिरवार (झाँसी), प्रान्तीय अध्यक्ष ललित त्यागी (मोदीनगर), प्रान्तीय महामंत्री श्रवण कुमार तिवारी (कुशीनगर), उपाध्यक्ष संजय पाठक (जौनपुर), सरवन भारती (बरेली), भीम सिंह यादव (कौशांबी), चौब सिंह (गाजियाबाद), मान सिंह कुशवाहा (फीरोजाबाद), कृष्ण कुमार (प्रयागराज), योगेन्द्र शर्मा (कोसीकलां, मथुरा), बृजेश गुप्ता (बहराइच), राजीव दिक्षित (फीरोजाबाद), प्रमोद राय (मोहम्दाबाद), सोहन वीर सिंह (मेरठ), मुक्तार अली (गोपीगंज), शमशेर खान (मिर्ज़ापुर), प्रमोद कुमार यादव (झाँसी), मीनू बाल्मीकि (कौंच), रमाशंकर (बरेली), मनोज कुमार (मेरठ), मनीष सिंह (जौनपुर), चन्द्रभान सिंह (गोपीगंज), सुरेन्द्र पाल सिंह (फीरोजाबाद), अमरनाथ (लखनऊ), दिलीप कुमार (कुशीनगर), सुरेश कुमार यादव (लखनऊ), नितीश कुमार (कुशीनगर), शिव शंकर शर्मा (लखनऊ), रहीश अहमद (कुशीनगर), नितिन गोयल (लखनऊ), ओमप्रकाश वर्मा (लखनऊ), तथा प्रान्तीय कार्यालय सचिव श्याम किशोर (लखनऊ) सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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