लखनऊ: 'मिशन कर्मयोगी' साधना सप्ताह की समय-सीमा बढ़ी, अब 10 अप्रैल तक पूरा कर सकेंगे कोर्स
अनिवार्य है 4 घंटे का प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट
संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मण्डल कार्यालय के विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि स्टेट नोडल से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, विभाग के प्रत्येक कार्मिक के लिए साधना सप्ताह कोर्स के अंतर्गत न्यूनतम 4 घंटे का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है। इस कोर्स को पूर्ण करने के बाद कार्मिकों को आधिकारिक सर्टिफिकेट और बैज (Badge) प्रदान किए जाएंगे।
अधिकारियों ने दिए सक्रिय भागीदारी के निर्देश
संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मण्डल) डॉ. प्रदीप कुमार ने लखनऊ मण्डल के सभी छह जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेन्द्र देव द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय रहते पूरा किया जाए।
इसी क्रम में उप शिक्षा निदेशक (लखनऊ मण्डल) रेखा दिवाकर ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि:
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अपने जनपद के अधिक से अधिक कार्मिकों को पोर्टल पर सक्रिय करें।
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न्यूनतम 4 घंटे का कोर्स अनिवार्य रूप से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें।
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प्रशिक्षण की प्रगति रिपोर्ट से मंडल कार्यालय को अवगत कराएं।
क्या है मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह?
यह पहल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। 2 अप्रैल से शुरू हुआ यह विशेष 'साधना सप्ताह' पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से कार्मिकों को आधुनिक कार्यप्रणाली और सेवा भाव के प्रति प्रशिक्षित करने का एक मंच है।
