Lucknow News: विनीत खंड-2 में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का भव्य आयोजन, पार्षद अरुण राय ने किया पौधारोपण
पौधारोपण केवल कार्य नहीं, भावी पीढ़ियों के लिए जनआंदोलन: अरुण कुमार राय
इस पर्यावरण अभियान के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद अरुण कुमार राय रहे। उन्होंने स्वयं पार्क परिसर में पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की और वहां मौजूद सभी नागरिकों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया।
अपने संबोधन में पार्षद अरुण कुमार राय ने कहा:
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मातृत्व का सम्मान और प्रकृति: 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान सिर्फ पेड़ लगाने का एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान और हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए शुरू किया गया एक महा-जनआंदोलन है।
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समिति के कार्यों की सराहना: उन्होंने विनीत खंड-2 जन कल्याण समिति की पीठ थपथपाते हुए कहा कि क्षेत्र में सामाजिक एकता, जनसहभागिता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में समिति द्वारा किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने सभी से इस अभियान को घर-घर तक पहुँचाने की अपील की।
हरित और स्वस्थ वातावरण के निर्माण का सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान समिति के सभी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हाथों से विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज रोपा गया प्रत्येक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं बनेगा, बल्कि भविष्य में हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, सघन हरियाली और एक सुरक्षित वातावरण की अमूल्य धरोहर साबित होगा।
कार्यक्रम में ये गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस सफल वृक्षारोपण अभियान में विनीत खंड-2 जन कल्याण समिति की पूरी टीम सक्रिय रूप से जुड़ी रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों में शामिल हैं:
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सुभाष मणि तिवारी (अध्यक्ष, जन कल्याण समिति)
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अशोक कुमार अरोड़ा (सचिव)
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आर. एस. नेगी (उपाध्यक्ष)
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उमेश बहादुर सिंह (उपाध्यक्ष)
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सीए कृपा शंकर वर्मा (कोषाध्यक्ष)
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बांके श्याम त्रिपाठी (संगठन सचिव)
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चंदा सिंह (महिला प्रमुख)
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रमेश सिंह (उप सचिव)
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राजन कपूर (उप सचिव)
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डॉ. हरस (कार्यकारिणी सदस्य)
कार्यक्रम के समापन पर विनीत खंड-2 जन कल्याण समिति की ओर से मुख्य अतिथि सहित सभी उपस्थित क्षेत्रवासियों का सहृदय आभार व्यक्त किया गया। समिति ने इस पर्यावरण आंदोलन को निरंतर जारी रखने और लगाए गए पौधों के पूर्ण संरक्षण का अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया।
