लखनऊ: अंतिम बड़े मंगल पर श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हनुमान जी को लगा छप्पन भोग
फूलों और रोशनी से महका मंदिर परिसर
चौक कोतवाली स्थित इस प्राचीन मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के महंत विशाल गौड़ के नेतृत्व में संपन्न हुए। उत्सव के लिए पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह भगवान हनुमान जी का सिंदूर और चमेली के तेल से विशेष शृंगार किया गया, जिसके बाद उन्हें छप्पन भोग अर्पित किया गया।

सुंदरकांड पाठ और भजनों से गूंजा चौक
दिनभर चले इस धार्मिक विहंगम आयोजन में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का संगीतमय पाठ और विशेष आरती का आयोजन किया गया। स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं के कीर्तन से पूरा माहौल 'जय बजरंगबली' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रहा।बड़े मंगल की यह पावन परंपरा लखनऊ की अनूठी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। हनुमान जी की नि:स्वार्थ भक्ति और दर्शन-पूजन से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।" — महंत विशाल गौड़, श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर
विशाल भंडारे में हजारों ने ग्रहण किया महाप्रसाद
मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों के सामूहिक सहयोग से 8वें बड़े मंगल पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर से शुरू हुआ यह भंडारा देर रात तक अनवरत चलता रहा, जिसमें हजारों की संख्या में राहगीरों और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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प्रसाद का मेन्यू: भंडारे में भक्तों को मुख्य रूप से छोला-भटूरा, छोला-चावल, पूड़ी-सब्जी के साथ-साथ भीषण गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी और शरबत का वितरण किया गया। शाम को मंदिर में एक बार फिर भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लेकर पुण्य लाभ कमाया और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
