लखनऊ: आईटी चौराहा क्षेत्र को जलभराव से मिलेगी मुक्ति, नई सीवर लाइन बिछाने का काम सुएज इंडिया ने किया शुरू
लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय): राजधानी के मनकामेश्वर-डालीगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आईटी चौराहा (IT Chauraha) के निवासियों को जल्द ही सीवर जाम और जलभराव की गंभीर समस्या से स्थायी निजात मिलने वाली है। आईटी चौराहे के निकट नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य सुएज इंडिया (Suez India) द्वारा विधिवत रूप से प्रारम्भ कर दिया गया है।
क्षेत्रीय विकास को गति देने वाली इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजना का आधिकारिक शुभारम्भ स्थानीय पार्षद श्री रंजीत सिंह ने किया। इस उद्घाटन अवसर पर जलकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सुएज इंडिया के प्रतिनिधि और भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
500 से अधिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई सीवर परियोजना की मुख्य विशेषताएं और स्थानीय नागरिकों को होने वाले लाभ इस प्रकार हैं:
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परियोजना की लंबाई: इस कार्य के अंतर्गत क्षेत्र में लगभग 200 मीटर लंबी आधुनिक और नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी।
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समस्या का स्थायी समाधान: वर्तमान में क्षेत्र में समुचित सीवर नेटवर्क न होने की वजह से बारिश का पानी और घरों का अपशिष्ट जल (ड्रेनेज) सड़कों व आवासीय इलाकों में जमा हो जाता था। इस नई लाइन से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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लाभार्थी: सीवर नेटवर्क का कार्य पूर्ण होते ही क्षेत्र के 500 से अधिक घरों को सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे पूरी सीवर व्यवस्था अधिक सुचारु, स्वच्छ और प्रभावी हो सकेगी।
सुरक्षा मानकों और नागरिक सुविधा का रखा जाएगा पूरा ध्यान
कार्य के शुभारंभ पर सुएज इंडिया के जनसंपर्क अधिकारी अक्षत सक्सेना ने कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बतायाहमारी सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान स्थानीय राहगीरों और नागरिकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। कार्य को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों और क्वालिटी का पूरी कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि निवासियों को एक बेहतर और स्थायी बुनियादी सुविधा मिल सके।" सीवर लाइन का काम शुरू होने पर क्षेत्रीय नागरिकों ने खुशी जाहिर की है और उम्मीद जताई है कि आगामी मानसून और आम दिनों में अब उन्हें गंदे पानी के भराव से नहीं जूझना पड़ेगा।
