लखनऊ: ऑल इंडिया पैग़ाम-ए-इंसानियत फोरम ने पेश की मानवता की मिसाल, अर्थदंड जमा कर जिला कारागार से कराए 3 बंदी रिहा

Lucknow: The All-India Paigham-e-Insaniat Forum set an example of humanity by paying the fines and securing the release of three prisoners from the district jail.
 
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सामाजिक सरोकारों और इंसानियत को समर्पित संस्था 'ऑल इंडिया पैग़ाम-ए-इंसानियत फोरम' ने एक बार फिर मानवता की एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। फोरम ने लखनऊ जिला कारागार (District Jail Lucknow) में बंद तीन ऐसे जरूरतमंद कैदियों की सुध ली, जो अपनी सजा पूरी होने के बाद भी महज छोटा सा अर्थदंड (जुर्माना) न भर पाने के कारण जेल की सलाखों के पीछे रहने को मजबूर थे। फोरम ने इन बंदियों का कुल ₹12,000 का अर्थदंड जमा कर उन्हें आजाद कराया।

इन तीन बंदियों को मिली नई जिंदगी

जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाण-पत्र और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। रिहा होने वाले बंदियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. संतोष कुमार (पुत्र कार्तिक राम) – अर्थदंड राशि: ₹2,000

  2. मोहम्मद फैसल (पुत्र कुरबान) – अर्थदंड राशि: ₹5,000

  3. मोफिजुद्दीन (पुत्र अफाजुद्दीन) – अर्थदंड राशि: ₹5,000

नदवतुल उलमा के छात्रों ने बढ़ाया मदद का हाथ

इस पुनीत और नेक कार्य को धरातल पर उतारने में ऑल इंडिया पैग़ाम-ए-इंसानियत फोरम के लखनऊ जिला कोऑर्डिनेटर मोहम्मद शफीक चौधरी ने मुख्य भूमिका निभाई। उनके इस अभियान में प्रतिष्ठित इस्लामिक शिक्षण संस्थान 'दारुल उलूम नदवतुल उलमा' के छात्रों ने भी सक्रिय रूप से अपना सहयोग दिया। युवाओं और संस्था के इस संयुक्त प्रयास की जेल प्रशासन और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग द्वारा काफी सराहना की जा रही है।

'हर घर तक इंसानियत का पैग़ाम, हर दिल तक मदद का हाथ'

जेल की चहारदीवारी से बाहर आने पर फोरम के पदाधिकारियों ने तीनों रिहा हुए व्यक्तियों का स्वागत किया और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर एक बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। फोरम ने उनके उज्ज्वल और शांतिपूर्ण भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

इस अवसर पर मोहम्मद शफीक चौधरी ने संगठन के मूल संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ऑल इंडिया पैग़ाम-ए-इंसानियत फोरम का एकमात्र उद्देश्य जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर संकट में फंसे हर जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद का हाथ बढ़ाना और समाज में भाईचारे व इंसानियत के संदेश को फैलाना है।

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