लखनऊ: गैस सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ व्यापार मंडल का हल्लाबोल, जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
Lucknow Vyapar Mandal News: लखनऊ में गैस सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति, लगातार बढ़ती कीमतों और बाजार में हो रही अवैध कालाबाजारी को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार, 23 मई को संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता के नेतृत्व में संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचकर संगीता पांडे को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन के जरिए व्यापार मंडल ने प्रशासन से दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को आ रही समस्याओं पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की है।
कृत्रिम कमी दिखाकर वसूले जा रहे मनमाने दाम, छोटे कारोबार ठप
जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि राजधानी में इन दिनों गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत बनी हुई है। समय पर एलपीजी (LPG) सिलेंडर न मिलने के कारण होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और रेहड़ी-पटरी जैसे छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
व्यापारियों का आरोप: कई इलाकों में गैस एजेंसियों और बिचौलियों द्वारा सिलेंडरों की कृत्रिम (Artificial) कमी पैदा की जा रही है। जमाखोरी के चलते आम जनता और छोटे दुकानदारों को मजबूरी में ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे हर वर्ग त्रस्त है।
व्यापार मंडल की मुख्य मांगें:
राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता ने जिला प्रशासन से सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए निम्नलिखित बिंदु सामने रखे हैं:
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सुचारू आपूर्ति: सभी व्यावसायिक और घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
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कालाबाजारी पर रोक: सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करे।
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उचित मूल्य निर्धारण: व्यापारियों और आम नागरिकों को निर्धारित और उचित सरकारी दरों पर ही गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर संगठन की एकजुटता साफ नजर आई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें:
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती पारुल मोहन
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राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्राची पांडे
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श्री जनार्दन यादव, श्री अर्जुन कुमार, श्री सुनील कुमार
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श्रीमती सविता वर्मा, श्रीमती सुनीता चटर्जी, श्रीमती उजमा सिद्दीकी
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श्रीमती पूजा वर्मा, श्रीमती रुचि सिंह और श्री विष्णु शंकर तिवारी शामिल थे।
जल्द राहत की उम्मीद: संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता पर लेगा और जमाखोरों के खिलाफ औचक निरीक्षण व छापेमारी कर लखनऊ के व्यापारियों और आम नागरिकों को जल्द से जल्द बड़ी राहत प्रदान करेगा।
