लखनऊ: एएआई के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में कनिष्ठ कार्यपालक (इलेक्ट्रॉनिक्स) के प्रथम 'एब-इनिशियो' प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज
लखनऊ: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (Regional Training Center - RTC) में विमानन क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यहां कनिष्ठ कार्यपालक (इलेक्ट्रॉनिक्स) यानी Junior Executive (Electronics) के प्रथम 'एब-इनिशियो' (Ab-Initio) प्रशिक्षण कार्यक्रम का अत्यंत भव्य और आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस विशेष और तकनीकी रूप से उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी रूप से दक्ष और कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ के सीएनएस (CNS) प्रभारी श्री ए.ए. अंसारी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) लखनऊ के कमांडेंट श्री विकास पांडेय के विशेष सहयोग से किया गया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग बदलेंगे विमानन उद्योग की तस्वीर
इस उद्घाटन समारोह में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), लखनऊ के प्रतिष्ठित निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रो. गुप्ता ने प्रशिक्षुओं को भविष्य की तकनीकों से रूबरू कराया।
उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा वर्तमान और भविष्य का विमानन उद्योग पूरी तरह से तकनीकी नवाचारों पर निर्भर है। आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) जैसी अत्याधुनिक तकनीकें ही वैश्विक विमानन उद्योग की पूरी दिशा और दशा तय करेंगी। ऐसे में सभी युवा प्रशिक्षुओं को लीक से हटकर सोचने, लगातार नई तकनीकों को सीखने और नवाचार (Innovation) को अपने कार्य व्यवहार में अपनाने की सख्त जरूरत है।"
सुरक्षित हवाई यातायात में इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञों की भूमिका अहम
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के निदेशक डॉ. मनीष आर. रानालकर, सीआईएसएफ (CISF) के कमांडेंट विकास पांडेय और एएआई लखनऊ के ओएसडी कमल किशोर सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विमानन विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आकाश में सुरक्षित, सटीक और कुशल हवाई यातायात संचालन (Air Traffic Operations) को बनाए रखने में इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विशेषज्ञों की रीढ़ की हड्डी जैसी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
साइबर सुरक्षा से लेकर एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट का मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
सीएनएस प्रभारी ए.ए. अंसारी ने इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस गहन 'एब-इनिशियो' ट्रेनिंग के दौरान सभी नव-नियुक्त प्रतिभागियों को विमानन क्षेत्र की अत्याधुनिक प्रणालियों का व्यावहारिक (Practical) प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके मुख्य विषयों में शामिल हैं:
-
विमानन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं एडवांस्ड संचार प्रणालियां (Communication Systems)
-
सटीक नेविगेशन (Navigation) और सर्विलांस (Surveillance) तकनीक
-
आधुनिक एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट (Air Traffic Management)
-
विमानन क्षेत्र में साइबर सुरक्षा (Cyber Security) और डेटा प्रोटेक्शन
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह व्यापक कार्यक्रम भविष्य की वैश्विक चुनौतियों और आधुनिक विमानन जरूरतों के अनुरूप सक्षम, अनुशासित और अत्यधिक कुशल तकनीकी अधिकारियों को तैयार करने की दिशा में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक बेहद क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
