फ़ीनिक्स पलासियो में दुर्गा पूजो उत्सव की धूम, धाक और धुनुची नृत्य से सजेगा लखनऊ
11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा 10 दिवसीय आयोजन; 16 से 18 अक्टूबर के बीच बंगाली लोक संगीत, शास्त्रीय नृत्य, मयूरभंज छऊ और लाइव बैंड की होंगी विशेष प्रस्तुतियां
लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय)। लखनऊ के फ़ीनिक्स पलासियो में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, 11 अक्टूबर से दुर्गा पूजो के 10 दिवसीय उत्सव का शुभारंभ हो चुका है। 20 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस आयोजन में मां दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की झलक देखने को मिल रही है। उत्सव का उद्देश्य शहरवासियों को भक्ति, परंपरा और सामुदायिक मेलजोल से जुड़ा विशेष अनुभव प्रदान करना है।
उत्सव की शुरुआत 11 अक्टूबर को पारंपरिक धाक की गूंज और मनमोहक धुनुची नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ हुई। इन प्रस्तुतियों ने परिसर में बंगाल के पारंपरिक दुर्गा पूजो उत्सव का वातावरण बनाया। इसके बाद फ़ीनिक्स पलासियो की ओर से दीप प्रज्ज्वलन किया गया और मां दुर्गा का आशीर्वाद लेकर आयोजन की औपचारिक शुरुआत हुई।
16 से 18 अक्टूबर तक होंगी विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। दिल्ली और कोलकाता के सांस्कृतिक समूह अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बंगाल की कला, संगीत और लोक परंपराओं को लखनऊ के दर्शकों के सामने पेश करेंगे।
16 अक्टूबर: दिल्ली के नाट्य बंगाली ग्रुप की ओर से बंगाली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद कोलकाता के ममता मन्ना ग्रुप की प्रस्तुति में रवींद्र संगीत और काजी नजरुल इस्लाम की रचनाओं से प्रेरित लोक संगीत सुनने को मिलेगा।
17 अक्टूबर: पारंपरिक धाक की थाप और धुनुची नृत्य के साथ उत्सव की रौनक बढ़ेगी। इसके बाद मयूरभंज छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में कोलकाता के कलाकार बाउल बंगाली लोक संगीत के जरिए बंगाल की लोक संस्कृति की झलक पेश करेंगे।
18 अक्टूबर: धाक और धुनुची नृत्य के साथ भक्तिमय आरती आयोजित होगी। इसके बाद बंगाली लाइव बैंड की प्रस्तुति में आधुनिक बंगाली संगीत के साथ पुराने दौर के लोकप्रिय गीत सुनने को मिलेंगे।
तीन दिनों का यह सांस्कृतिक कार्यक्रम बंगाल की संगीत, नृत्य और लोक कला की विविध शैलियों को एक मंच पर लाएगा। इससे विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को बंगाल की परंपराओं को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
संस्कृति और परंपरा से लोगों को जोड़ने की पहल
इस आयोजन पर द फ़ीनिक्स मिल्स लिमिटेड के रिटेल डायरेक्टर, नॉर्थ, श्री संजीव सरीन ने कहा, “फ़ीनिक्स पलासियो में हमारा मानना है कि त्योहार लोगों को एक साथ लाने और भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाने के खास अवसर होते हैं। दुर्गा पूजो भक्ति, बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी मेलजोल की भावना का सुंदर प्रतीक है। हमें खुशी है कि इस 10 दिवसीय आयोजन के जरिए हम बंगाल की जीवंत परंपराओं को लखनऊ के लोगों तक पहुंचा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि मां दुर्गा की आराधना और पारंपरिक संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संस्थान लोगों को खरीदारी से आगे बढ़कर एक खास सांस्कृतिक अनुभव देना चाहता है। फ़ीनिक्स पलासियो भारत की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाने और परिवारों तथा समुदायों के लिए यादगार पल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
20 अक्टूबर तक जारी रहेगा उत्सव
फ़ीनिक्स पलासियो में दुर्गा पूजो का उत्सव 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं, संगीत और नृत्य का आनंद ले सकेंगे। यह आयोजन परंपरा और आधुनिक जीवनशैली के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने की पहल के रूप में सामने आया है। भक्ति, लोक कलाओं और सामुदायिक सहभागिता से सजा यह उत्सव लखनऊ के लोगों को बंगाल की जीवंत सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर प्रदान कर रहा है।
