लखनऊ: शैक्षिक संगोष्ठी में गूंजी वित्तविहीन शिक्षकों की आवाज, पुरानी पेंशन और मानदेय पर हुई व्यापक चर्चा
लखनऊ (आर एल पाण्डेय): उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में सोमवार को 'विश्वहरैया सभागार' में एक महत्वपूर्ण ग्रीष्मकालीन शैक्षिक संगोष्ठी और वित्तविहीन शिक्षकों की वेतन निर्धारण कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीता चौधरी ने की।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और वित्तविहीन शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान खोजना था।
मुख्य अतिथि ने दिया सेवा सुरक्षा और मानदेय का आश्वासन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री लाल बिहारी यादव (सदस्य, वित्तविहीन वेतन परिषद एवं नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश) ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन के संकल्प को दोहराया।
कार्यशाला के प्रमुख मुद्दे:
-
सम्मानजनक मानदेय: वित्तविहीन शिक्षकों के लिए एक गरिमापूर्ण और निश्चित मानदेय तय करना।
-
सेवा सुरक्षा व नियमावली: शिक्षकों की नौकरियों को कानूनी रूप से सुरक्षित बनाना।
-
पुरानी पेंशन योजना (OPS): सहायता प्राप्त और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली की मांग।
-
चिकित्सीय सुविधाएं: शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य व चिकित्सा लाभ सुनिश्चित करना।
आगामी शिक्षक व स्नातक चुनाव पर जोर
श्री लाल बिहारी यादव ने आगामी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शिक्षक समुदाय से अपील की कि वे इन चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि सदन (विधान परिषद) में शिक्षकों की आवाज को और अधिक मजबूती से बुलंद किया जा सके।
दिग्गज नेताओं और शिक्षाविदों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस वैचारिक संगोष्ठी को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और फतेहपुर के सांसद श्री नरेश उत्तम पटेल के साथ-साथ कई शिक्षक विधायक उम्मीदवारों ने भी संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पूर्व में किए गए प्रयासों को रेखांकित किया।
मंच पर उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
-
श्री सीताराम यादव (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष)
-
श्री रामबरन यादव
-
श्री मुमताज अली
