वैट बकाये पर ब्याज और अर्थदंड में छूट की जानकारी बाजारों तक पहुंचाएगा लखनऊ व्यापार मंडल

राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं का दिया समाधान, पात्र कारोबारियों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील

 
वैट बकाये पर ब्याज और अर्थदंड में छूट की जानकारी बाजारों तक पहुंचाएगा लखनऊ व्यापार मंडल

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026। लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय, लाटूश रोड पर शुक्रवार को राज्य कर विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जीएसटी और वैट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं विसंगतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने व्यापारियों के सवालों के जवाब देते हुए संबंधित योजनाओं और बकाया मामलों में राहत पाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही ब्याज माफी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।

बैठक में अपर आयुक्त राज्य कर सरबजीत, संयुक्त आयुक्त उदय प्रताप सिंह और अनिल हरित, उपायुक्त राखी सिंह, प्रमोद विश्वकर्मा तथा अनिल कुमार सहित राज्य कर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

15 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं व्यापारी

अपर आयुक्त राज्य कर सरबजीत ने बताया कि ब्याज माफी योजना का लाभ लेने के लिए 16 अक्टूबर से 15 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने और योजना की शर्तों के अनुसार राहत का लाभ उठाने की अपील की।

उपायुक्त खंड-4 राखी सिंह ने वैट के बकाये पर मिलने वाली छूट की जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित शर्तों के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक की मूल बकाया धनराशि वाले मामलों में ब्याज और अर्थदंड से पूर्ण छूट का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि जिन व्यापारियों ने पहले ही बकाया राशि का कुछ हिस्सा जमा कर दिया है, वे भी पात्रता और योजना की शर्तों के अनुसार शेष बकाये पर लागू ब्याज एवं अर्थदंड में छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित व्यापारियों को पोर्टल पर आवेदन करना होगा। सक्षम स्तर से आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा।

छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकार को इस तरह की ब्याज माफी योजनाएं समय रहते लागू करनी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक व्यापारी इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इससे पहले जीएसटी के अंतर्गत भी ब्याज माफी योजना लाई गई थी, लेकिन तब तक अधिकांश व्यापारी अपना बकाया जमा कर चुके थे। इसके कारण बड़ी संख्या में व्यापारी योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए थे।

मिश्र ने कहा कि वैट के मामलों में भी अधिकांश व्यापारियों ने अपना बकाया जमा कर दिया है, जबकि कई बड़े व्यापारी अपने मामलों को लेकर न्यायालयों में जा चुके हैं। ऐसे में मौजूदा योजना से विशेष रूप से उन छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले अभी लंबित हैं और जो मूल बकाये के अतिरिक्त ब्याज एवं अर्थदंड के बोझ से राहत चाहते हैं।

सभी बाजारों में होगा योजना का प्रचार-प्रसार

अमरनाथ मिश्र ने कहा कि लखनऊ व्यापार मंडल योजना की जानकारी अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। इसके तहत योजना से संबंधित सर्कुलर शहर के विभिन्न बाजारों में प्रसारित किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों को आवेदन प्रक्रिया और निर्धारित समय सीमा की जानकारी मिल सके।

उन्होंने राज्य कर विभाग के अधिकारियों से भी अपील की कि योजना की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से व्यापारियों तक पहुंचाई जाए, जिससे पात्र कारोबारी समय रहते आवेदन कर सकें और नियमानुसार राहत प्राप्त कर सकें।

बैठक में सैकड़ों व्यापारी रहे मौजूद

बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान, ट्रांस गोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता और इंद्रजीत सिंह सहित व्यापार मंडल के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा महामंत्री सुशील तिवारी उर्फ सोनू पंडित, कुश मिश्रा, मनीष गुप्ता, मनजीत सिंह दुआ, जगजीत सिंह जग्गा, नवीन गुप्ता, विशाल अग्रवाल, विनय गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, राजू शुक्ला, केदार बाजपेई, अतुल त्रिपाठी, प्रमोद अवस्थी, नीरज अग्रवाल, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा, विश्व विजय सिंह, बलराम मौर्य, मनोज चौरसिया, नरेश कुमार, मोहम्मद शोएब जलाली और अंकित शर्मा सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।

बैठक में व्यापारियों की कर संबंधी समस्याओं पर चर्चा के साथ उन्हें उपलब्ध राहत योजनाओं की जानकारी देने पर जोर दिया गया। लखनऊ व्यापार मंडल ने योजना का लाभ पात्र कारोबारियों तक पहुंचाने और आवेदन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प जताया।

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