लुलु ग्रुप उत्तर प्रदेश में बढ़ाएगा निवेश, अन्य देशों से भी निवेश लाने की प्रतिबद्धता: यूसुफ अली एम.ए.
दावोस (स्विट्ज़रलैंड) | लखनऊ: लुलु ग्रुप इंटरनेशनल उत्तर प्रदेश में अपने निवेश को और विस्तार देने के साथ-साथ अन्य देशों से भी राज्य में निवेश लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात लुलु ग्रुप के चेयरमैन यूसुफ अली एम.ए. ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की दावोस बैठक के दौरान मंगलवार को कही।
एएनआई से बातचीत में यूसुफ अली ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल राज्य बन चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को उद्योग-समर्थक, व्यापार-समर्थक और निवेशकों के प्रति सहयोगी बताया।
उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गतिशील नेतृत्व में यहां निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। राज्य सरकार हमें हर स्तर पर सहयोग दे रही है। हमारे फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
यूसुफ अली ने बताया कि लखनऊ स्थित लुलु मॉल को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और वहां अपेक्षा से दोगुनी फुटफॉल देखने को मिल रही है। इसके साथ ही नोएडा में एक नए शॉपिंग मॉल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा,हम उत्तर प्रदेश में और अधिक निवेश करने जा रहे हैं। मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह प्रतिबद्धता भी जताई है कि लुलु ग्रुप अन्य देशों से भी निवेश को उत्तर प्रदेश लाने में सहयोग करेगा।”
भारत–यूएई संबंध ऐतिहासिक और मजबूत
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में यूसुफ अली ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच संबंधों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध भी अत्यंत मजबूत हैं, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और सुदृढ़ हुई है।
गौरतलब है कि यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 19 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा की। यह पिछले दस वर्षों में उनकी पांचवीं भारत यात्रा और राष्ट्रपति के रूप में तीसरी आधिकारिक यात्रा थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत–यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।
दावोस यात्रा को बताया सीखने का अनुभव
यूसुफ अली ने दावोस यात्रा को एक महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव बताते हुए कहा कि यहां दुनिया भर के नेता, उद्योगपति, निवेशक, बुद्धिजीवी और नीति-निर्माता एक मंच पर आते हैं। उन्होंने कहा, “यह दावोस में मेरा 16वां वर्ष है और हर बार यहां से वैश्विक सहयोग और निवेश के नए अवसर सामने आते हैं।”
ग्रेटर नोएडा में 25 अरब डॉलर का एआई कंप्यूट हब
इस बीच, ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा समर्थित एएम ग्रुप ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ ग्रेटर नोएडा में एक विशाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूट हब स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।इस परियोजना की घोषणा विश्व आर्थिक मंच 2026, दावोस में की गई, जिसमें लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। यह हब वैश्विक एआई वर्कलोड को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है और भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
-
पहला चरण: 2028 तक
-
पूर्ण क्षमता: 2030 तक 1 गीगावॉट
-
लगभग 5 लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स स्थापित किए जाएंगे
WEF 2026 में यूपी प्रतिनिधिमंडल की सक्रिय भागीदारी
दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त, फार्मास्यूटिकल्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) क्षेत्रों के निवेशकों के साथ सार्थक बैठकें कीं। विश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष का विषय “संवाद की भावना” है, जिसमें 130 से अधिक देशों के लगभग 3,000 प्रतिभागियों—विश्व नेता, सीईओ, नवप्रवर्तक और नीति-निर्माता—भाग ले रहे हैं।
