लखनऊ: आईएमए का संदेश 'स्वस्थ चिकित्सक, स्वस्थ समाज', योग दिवस पर डॉक्टरों ने सीखे तनाव मुक्ति के गुर
योग गुरु ज्योति यादव के मार्गदर्शन में हुआ एक घंटे का विशेष सत्र
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रयाग आरोग्यम् केंद्र (योग प्रशिक्षण एवं योगाभ्यास केंद्र) की सुप्रसिद्ध योग गुरु श्रीमती ज्योति यादव जी उपस्थित रहीं। उन्होंने आईएमए के डॉक्टरों और सदस्यों को लगभग एक घंटे तक अनवरत योगाभ्यास, ध्यान (मेडिटेशन) और प्राणायाम की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कराया। चिकित्सकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि योग आज के दौर में केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यस्ततम दिनचर्या के बीच तनाव नियंत्रण और कार्यक्षमता (Productivity) बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

व्यस्त जीवन में डॉक्टरों के लिए योग अनिवार्य: डॉ. श्वेता श्रीवास्तव
सत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कहा योग किसी एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक निरंतर प्रक्रिया है। आज के अत्यधिक व्यस्त और मानसिक तनाव से भरे चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों के लिए योग बेहद आवश्यक हो गया है। एक स्वस्थ चिकित्सक ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकता है और मरीजों को सही प्रेरणा प्रदान कर सकता है।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि आईएमए का मुख्य उद्देश्य यह है कि चिकित्सक स्वयं एक अनुशासित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, ताकि वे समाज को भी संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और योग के प्रति जागरूक कर सकें।
इन वरिष्ठ चिकित्सकों ने दर्ज कराई गरिमामयी उपस्थिति
आईएमए भवन में आयोजित इस सामूहिक स्वास्थ्य अभियान में लखनऊ के कई नामचीन और वरिष्ठ डॉक्टरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
-
आईएमए लखनऊ की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव
-
पूर्व अध्यक्ष डॉ. रुक्साना मैम
-
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज टंडन, डॉ. सरस्वती, डॉ. शाश्वत सक्सेना, और डॉ. निरुपमा सहित भारी संख्या में चिकित्सा जगत से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।
नियमित योगाभ्यास और संतुलित जीवन का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने योग गुरु ज्योति यादव जी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। सत्र के अंत में आईएमए लखनऊ शाखा से जुड़े सभी चिकित्सकों और संकाय सदस्यों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि वे चिकित्सा सेवा की भागदौड़ के बीच प्रतिदिन योग के लिए समय निकालेंगे और अपने मरीजों को भी योग को जीवनशैली (Lifestyle) का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

