अग्निकांड की भयावहता: ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, झुग्गी-झोपड़ियों में 'फायर ऑडिट' की उठाई मांग

Horrors of the fire: Greater Lucknow Public Welfare Maha Committee wrote a letter to the Chief Minister, raised the demand for 'fire audit' in slums.
 
 
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लखनऊ | 16 अप्रैल 2026: राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदय विदारक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने शासन-प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

"शब्द कम हैं..पीड़ा अपार": महासमिति ने जताई संवेदना

हादसे की भयावहता पर चिंता व्यक्त करते हुए महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा और महासचिव विवेक शर्मा ने कहा कि इस दुर्घटना की खबर सुनकर मन अत्यंत व्यथित है। पदाधिकारियों ने उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं जिन्होंने इस अग्निकांड में अपने अपनों और अपनी जीवन भर की पूंजी को खो दिया है।

मुख्यमंत्री और प्रशासन को लिखा पत्र

महासमिति ने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए झुग्गी-झोपड़ियों और संवेदनशील इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) की तत्काल जांच कराई जाए। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि गर्मी की शुरुआत में एक छोटी सी चिंगारी भी इन क्षेत्रों के लिए 'काल' बन सकती है।

प्रमुख मांगें और सुरक्षात्मक सुझाव

ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • चिन्हीकरण: शहर के उन सभी संवेदनशील इलाकों और झुग्गी-झोपड़ियों को तत्काल चिन्हित किया जाए, जहाँ आग या अन्य आपदाओं का खतरा सबसे अधिक है।

  • सुरक्षा मानकों की जांच: चिन्हित क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के मानकों की कड़ाई से जांच हो।

  • साधनों का प्रबंध: जहाँ आग बुझाने के साधनों की अनुपलब्धता है, वहाँ तत्काल आवश्यक प्रबंध किए जाएं।

  • स्थायी समाधान: असुरक्षित क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने या उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए ठोस और दूरगामी प्रबंध किए जाएं।

दुर्घटना नहीं, एक चेतावनी है यह हादसा

अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने कहा, "यह भयावह दुर्घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। हमें मिलजुल कर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी गरीब परिवार को ऐसी 'अग्नि परीक्षा' से न गुजरना पड़े।"

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