महोबा दलित छात्रा मामला: बलरामपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

Mahoba Dalit student case: Fierce protest by Congress in Balrampur, memorandum submitted to Governor
 
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बलरामपुर: जनपद महोबा में एक दलित छात्रा के साथ हुई बर्बरता की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। इस जघन्य वारदात के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी (DM) कार्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पार्टी ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की है।

कांग्रेस की मुख्य मांगें:

  • दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कठोरतम सजा।

  • पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता की मंजूरी।

  • पीड़िता और उसके परिजनों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराना।

"बेटियां कहाँ जाएं?" – सरकार की कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवलाल कोरी ने राज्य सरकार की नीतियों और दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा एक तरफ योगी सरकार 'नारी शक्ति' और बेटियों के सम्मान के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि बेटियां निर्भय होकर बाहर निकलें, लेकिन सवाल यह है कि इस खौफ के माहौल में बेटियां आखिर जाएं कहाँ? प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है।"

शिवलाल कोरी ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी।

"यूपी में जंगलराज का माहौल"

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने महोबा की घटना के साथ-साथ हाल ही में हुए अन्य अपराधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महोबा में दलित बेटी को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है।

उन्होंने आगे जोड़ा कि जौनपुर की एक छात्रा के साथ चारबाग रेलवे स्टेशन पर तीन दिनों तक गैंगरेप होना इस बात का सबूत है कि उत्तर प्रदेश 'जंगलराज' में तब्दील हो चुका है। सरकार कानून-व्यवस्था को संभालने और अपराधियों में खौफ पैदा करने में पूरी तरह नाकाम रही है। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है।

प्रदर्शन में ये प्रमुख नेता रहे शामिल

इस देशव्यापी आक्रोश और स्थानीय प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

प्रमुख पदाधिकारी एवं नेता
मारकंडे मिश्र, राम शंकर भारती बाबा, विनय मिश्रा
डॉ राकेश तिवारी, भीष्म सिंह, विजय उपाध्याय
अफरोज खान, इबरार अहमद, विशाल कश्यप
अमेरिका कुरील, मो० जमील, इजहार हुसैन (अधिवक्ता)
राजेश कुमार पाण्डेय, गुरबचन, और जिला मीडिया प्रभारी बृजेश चौहान

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