गोंडा में मंगलम भारत गैस एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी
गोंडा। जनपद के आवास विकास कॉलोनी स्थित Mangalam Bharat Gas Agency के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मामले की जांच जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपी थी।
जांच में एजेंसी के संचालन में कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं हैं। रिपोर्ट के अनुसार भौतिक स्टॉक, अभिलेखों और वास्तविक स्टॉक में स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके साथ ही कुछ एलपीजी सिलेंडरों के डायवर्जन (अनधिकृत स्थानांतरण) से जुड़ी गड़बड़ियाँ भी उजागर हुईं।
वितरण प्रणाली में खामियाँ
उपभोक्ता सर्वेक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गैस वितरण प्रक्रिया और रिकॉर्ड संधारण में बड़े स्तर पर लापरवाही बरती गई है। जांच रिपोर्ट में इन कमियों को मार्केट डिसिप्लिन गाइडलाइंस के तहत गंभीर माना गया है।
दंडात्मक कार्रवाई शुरू
जिलाधिकारी के निर्देश पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लगभग 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड प्रस्तावित किया गया है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इसके साथ ही एजेंसी संचालक को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।
प्रशासन की सख्ती
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट कहा है कि लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद की सभी गैस एजेंसियों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले के चारों तहसीलों के एसडीएम भी लगातार गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी स्टॉक में गड़बड़ी, कालाबाजारी या अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

