‘राम तेरी गंगा मैली’ से रातोंरात स्टार बनीं मंदाकिनी, दाऊद इब्राहिम के साथ एक तस्वीर ने बदल दी जिंदगी की कहानी
झरने के नीचे सफेद साड़ी वाला सीन हो या मासूम बच्चे को दूध पिलाने का दृश्य, 1985 में रिलीज हुई राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ ने मंदाकिनी को रातोंरात शोहरत दिला दी। लेकिन कुछ साल बाद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ उनकी एक तस्वीर सामने आई और अभिनेत्री का नाम ऐसे विवाद से जुड़ गया, जिसकी चर्चा आज तक होती है।
मुंबई। बॉलीवुड में कई सितारों की किस्मत एक फिल्म से चमक जाती है, लेकिन शोहरत के साथ कभी-कभी ऐसी कहानियां भी जुड़ जाती हैं, जो सालों तक उनका पीछा नहीं छोड़तीं। अभिनेत्री मंदाकिनी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ ने उन्हें हिंदी सिनेमा में खास पहचान दिलाई। हालांकि, बाद के वर्षों में दाऊद इब्राहिम के साथ उनकी एक तस्वीर और उससे जुड़ी अटकलें उनकी फिल्मी पहचान पर भारी पड़ती दिखाई दीं।
राम तेरी गंगा मैली’ ने रातोंरात बनाया स्टार
साल 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। फिल्म में मंदाकिनी की खूबसूरती और अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा। झरने के नीचे सफेद साड़ी में फिल्माया गया दृश्य और गाना ‘तुझको पुकारे मेरा प्यार’ उनकी लोकप्रियता की पहचान बन गए। फिल्म में बच्चे को स्तनपान कराने वाला दृश्य भी उस दौर में काफी चर्चा में रहा।
उस समय के सामाजिक और सिनेमाई माहौल को देखते हुए इन दृश्यों पर खूब बहस हुई। फिल्म की सफलता ने मंदाकिनी को रातोंरात स्टार बना दिया और उनके पास फिल्मों के प्रस्ताव आने लगे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ साल बाद उनकी चर्चा का केंद्र उनकी फिल्में नहीं, बल्कि एक विवादित तस्वीर बन जाएगी।
शारजाह के क्रिकेट मैच से शुरू हुई चर्चाएं
1990 के दशक में मंदाकिनी का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ जोड़ा जाने लगा। उस दौर में संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में भारत-पाकिस्तान सहित कई बड़े क्रिकेट मुकाबले आयोजित होते थे। इसी दौरान मंदाकिनी और दाऊद की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें दोनों साथ बैठे दिखाई दे रहे थे।
तस्वीर सामने आने के बाद फिल्मी गलियारों और मीडिया में कई तरह के सवाल उठने लगे। आखिर मंदाकिनी और दाऊद एक साथ कैसे नजर आए? क्या दोनों एक-दूसरे को जानते थे? क्या उनके बीच निजी संबंध थे? कुछ खबरों में कथित रिश्ते और आर्थिक लेन-देन को लेकर भी दावे किए गए।
हालांकि, इन चर्चाओं में किए गए कई दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई। तस्वीर ने सवाल जरूर खड़े किए, लेकिन केवल साथ बैठे दिखाई देने से किसी निजी रिश्ते या आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता साबित नहीं होती।
बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों की चर्चाओं के बीच बढ़ा विवाद
उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री और अंडरवर्ल्ड के कथित संबंधों को लेकर भी काफी चर्चा होती थी। फिल्मों में पैसा लगाने, कलाकारों को फोन करने और फिल्म कारोबार से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने जैसी खबरें सामने आती रहती थीं। ऐसे माहौल में दाऊद इब्राहिम के साथ किसी अभिनेत्री की तस्वीर का सामने आना महज फिल्मी गॉसिप तक सीमित नहीं रहा।
मंदाकिनी का नाम भी इसी चर्चा का हिस्सा बन गया। तस्वीर के आधार पर तरह-तरह की कहानियां सामने आने लगीं। समय के साथ इन अटकलों ने इतना जोर पकड़ लिया कि अभिनेत्री की फिल्मों और अभिनय के बजाय उनके कथित निजी संबंधों पर ज्यादा चर्चा होने लगी।
मंदाकिनी ने क्या दी थी सफाई?
मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ अपने कथित रिश्ते को लेकर लगाई गई अटकलों को खारिज किया था। उनके अनुसार, वह दुबई में एक कार्यक्रम के सिलसिले में गई थीं और उसी दौरान क्रिकेट मैच देखने पहुंची थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि दाऊद ने उन्हें शारजाह नहीं बुलाया था।
मंदाकिनी ने इस विवाद को अपने करियर के लिए नुकसानदायक बताया। उनके पक्ष को समझने के लिए यह अंतर याद रखना जरूरी है कि एक तस्वीर में साथ नजर आना और किसी के साथ निजी या कारोबारी संबंध होने का दावा करना दो अलग-अलग बातें हैं।
फिल्मों में काम जारी रहा, लेकिन पहली जैसी सफलता नहीं मिली
‘राम तेरी गंगा मैली’ के बाद मंदाकिनी ने ‘डांस डांस’, ‘कमांडो’, ‘जीते हैं शान से’ और ‘प्यार करके देखो’ जैसी फिल्मों में काम किया। वह मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा जैसे लोकप्रिय अभिनेताओं के साथ भी दिखाई दीं। इसके बावजूद उन्हें अपनी पहली बड़ी सफलता जैसी लोकप्रियता दोबारा नहीं मिल सकी। उनके करियर में कई फिल्में आईं, लेकिन ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी पहचान फिर नहीं बन पाई। उनके नाम के साथ जब भी चर्चा होती, तो अभिनय के अलावा दाऊद के साथ उनकी तस्वीर से जुड़ा विवाद भी सामने आ जाता।
फिल्मी दुनिया से दूरी और नई जिंदगी
समय के साथ मंदाकिनी ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। 1996 में रिलीज हुई ‘जोरदार’ को उनके शुरुआती फिल्मी दौर की आखिरी फिल्मों में गिना जाता है। बाद में उन्होंने डॉ. काग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से विवाह किया और पारिवारिक जीवन की ओर ध्यान दिया।
मंदाकिनी की कहानी बॉलीवुड की उस दुनिया का एक पहलू सामने रखती है, जहां किसी कलाकार की लोकप्रियता के साथ जुड़ी एक तस्वीर या विवाद उसकी सार्वजनिक छवि को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है। उनकी फिल्मी यात्रा की शुरुआत शानदार रही, लेकिन दाऊद इब्राहिम के साथ सामने आई तस्वीर ने उनके नाम के साथ एक ऐसी चर्चा जोड़ दी, जो दशकों बाद भी खत्म नहीं हुई है।
