मण्डलीय कला उत्सव 2025 : बारह श्रेष्ठ कलाकारों ने बटोरा सम्मान

Mandalay Kala Utsav 2025: Twelve best artists received awards
 
अतिथियों का स्वागत और शुभारम्भ  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) श्री विष्णु कान्त पाण्डेय मौजूद रहे। संयोजक संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मण्डल डॉ. प्रदीप कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कथक कलाकार शचि द्विवेदी ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।  अपने संबोधन में विष्णु कान्त पाण्डेय ने विद्यार्थियों को स्वयं को खोजने और निखारने के लिए कला उत्सव को एक अद्वितीय मंच बताया। वहीं, डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि कला स्वतंत्र होती है, इसे किसी बंधन या अनिवार्यता की आवश्यकता नहीं। उप शिक्षा निदेशक रेखा दिवाकर के अनुसार, कला एक स्वाभाविक प्रतिभा है जिसे सही अवसर मिलने पर निखारा जा सकता है। डीआईओएस राकेश कुमार ने इसे जीवन का दर्पण बताया, जो सत्य और सौंदर्य दोनों को दर्शाती है।  निर्णायक और आयोजन समिति  कला उत्सव की 12 विधाओं के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ निर्णायक बने। विजेताओं को शील्ड/ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिए गए। आयोजन में सह जिला विद्यालय निरीक्षक मनीषा द्विवेदी, अमिता सिंह, पॉयनियर समूह के प्रबंधक बृजेन्द्र सिंह और प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। संचालन आकांक्षा पाठक और गुंजन पाठक ने किया।  प्रतियोगिताओं के परिणाम संगीत  गायन (एकल - शास्त्रीय): दुर्गेश चंद्रोकर – श्री योगेश्वर ऋषिकुल इंटर कॉलेज, लखनऊ  गायन (समूह - लोकगीत): अंश मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, कृष्णा शुक्ला, अरबाज खान – बाल निकुंज इंटर कॉलेज, लखनऊ  वादन (एकल - स्वर वाद्य): समृद्धि दीक्षित – सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सीतापुर  वादन (एकल - ताल वाद्य): आदित्य सिंह – सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, अलीगंज, लखनऊ  वादन (समूह - शास्त्रीय): आकांक्षा, प्रणव, प्राची, श्रेया – एसकेडी एकेडमी, गोमती नगर, लखनऊ  नृत्य  एकल (शास्त्रीय): पार्थवी राय – एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, लखनऊ  समूह (लोकनृत्य): छवि कनौजिया, जाह्नवी सिंह, शशि यादव, राखी शर्मा – भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज, लखनऊ  नाटक  समूह (लघु नाटिका): संकल्प रावत, अभय तिवारी, रिशु मोदी, नागेश अवस्थी – राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, लखनऊ  दृश्य कला  एकल (द्विआयामी चित्रकला): ब्रमेश जॉय अपेटो – राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, लखनऊ  एकल (त्रिआयामी मूर्तिकला): विशेष साहू – श्री योगेश्वर ऋषिकुल इंटर कॉलेज, लखनऊ  समूह (स्थानीय शिल्प): राखी सिंह, पूजा – राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी  साहित्य व लोककथा  पारम्परिक कहानी वाचन (समूह): वंशिका द्विवेदी एवं शगुन श्रीवास्तव – नवयुग कन्या इंटर कॉलेज, लखनऊ  आगे की राह  प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी अब प्रदेश स्तरीय कला उत्सव में लखनऊ मण्डल का प्रतिनिधित्व करेंगे।  कला उत्सव ने यह सिद्ध किया कि कला न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर भी है।

लखनऊ डेस्क (प्रत्यूष पाण्डेय)  स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर आयोजित मण्डलीय कला उत्सव 2025 ने कला और संस्कृति के विविध रंगों से नई ऊँचाइयाँ छुईं। यह आयोजन 20 सितम्बर 2025 को पॉयनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज, एल्डिको ब्रांच में संपन्न हुआ, जिसमें लखनऊ मण्डल के छह जिलों—उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर-खीरी और हरदोई—के 38 विद्यालयों से चुने गए 130 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम थी – “विकसित भारत : वर्ष 2047 की परिकल्पना”।

अतिथियों का स्वागत और शुभारम्भ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) श्री विष्णु कान्त पाण्डेय मौजूद रहे। संयोजक संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मण्डल डॉ. प्रदीप कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कथक कलाकार शचि द्विवेदी ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

अपने संबोधन में विष्णु कान्त पाण्डेय ने विद्यार्थियों को स्वयं को खोजने और निखारने के लिए कला उत्सव को एक अद्वितीय मंच बताया। वहीं, डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि कला स्वतंत्र होती है, इसे किसी बंधन या अनिवार्यता की आवश्यकता नहीं। उप शिक्षा निदेशक रेखा दिवाकर के अनुसार, कला एक स्वाभाविक प्रतिभा है जिसे सही अवसर मिलने पर निखारा जा सकता है। डीआईओएस राकेश कुमार ने इसे जीवन का दर्पण बताया, जो सत्य और सौंदर्य दोनों को दर्शाती है।

निर्णायक और आयोजन समिति

कला उत्सव की 12 विधाओं के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ निर्णायक बने। विजेताओं को शील्ड/ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिए गए। आयोजन में सह जिला विद्यालय निरीक्षक मनीषा द्विवेदी, अमिता सिंह, पॉयनियर समूह के प्रबंधक बृजेन्द्र सिंह और प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। संचालन आकांक्षा पाठक और गुंजन पाठक ने किया।

प्रतियोगिताओं के परिणाम

संगीत

  • गायन (एकल - शास्त्रीय): दुर्गेश चंद्रोकर – श्री योगेश्वर ऋषिकुल इंटर कॉलेज, लखनऊ

  • गायन (समूह - लोकगीत): अंश मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, कृष्णा शुक्ला, अरबाज खान – बाल निकुंज इंटर कॉलेज, लखनऊ

  • वादन (एकल - स्वर वाद्य): समृद्धि दीक्षित – सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सीतापुर

  • वादन (एकल - ताल वाद्य): आदित्य सिंह – सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, अलीगंज, लखनऊ

  • वादन (समूह - शास्त्रीय): आकांक्षा, प्रणव, प्राची, श्रेया – एसकेडी एकेडमी, गोमती नगर, लखनऊ

नृत्य

  • एकल (शास्त्रीय): पार्थवी राय – एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, लखनऊ

  • समूह (लोकनृत्य): छवि कनौजिया, जाह्नवी सिंह, शशि यादव, राखी शर्मा – भारतीय बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज, लखनऊ

नाटक

  • समूह (लघु नाटिका): संकल्प रावत, अभय तिवारी, रिशु मोदी, नागेश अवस्थी – राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, लखनऊ

दृश्य कला

  • एकल (द्विआयामी चित्रकला): ब्रमेश जॉय अपेटो – राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, लखनऊ

  • एकल (त्रिआयामी मूर्तिकला): विशेष साहू – श्री योगेश्वर ऋषिकुल इंटर कॉलेज, लखनऊ

  • समूह (स्थानीय शिल्प): राखी सिंह, पूजा – राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी

साहित्य व लोककथा

  • पारम्परिक कहानी वाचन (समूह): वंशिका द्विवेदी एवं शगुन श्रीवास्तव – नवयुग कन्या इंटर कॉलेज, लखनऊ

आगे की राह

प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी अब प्रदेश स्तरीय कला उत्सव में लखनऊ मण्डल का प्रतिनिधित्व करेंगे। कला उत्सव ने यह सिद्ध किया कि कला न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर भी है।

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