लखनऊ अग्निकांड के बाद गोंडा में भारी एक्शन: फायर ब्रिगेड की छापेमारी से कोचिंग संचालकों में हड़कंप, बेसमेंट बंद कर भागे

Major crackdown in Gonda following the Lucknow fire incident: Fire department raids spark panic among coaching center operators; they shut down basements and fled.
 
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गोंडा। राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गोंडा जिला प्रशासन और फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों में सुरक्षा मानकों को लेकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। मंगलवार सुबह से ही दमकल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जमीनी स्तर पर उतर आए हैं, जिससे नियम ताक पर रखकर संस्थान चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।

जांच शुरू होते ही ताला बंद कर भागे संचालक

फायर विभाग की टीम जैसे ही मुस्तैद हुई, गोंडा शहर के कई कोचिंग और लाइब्रेरी संचालक अपने संस्थानों पर ताला जड़कर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि ये सभी संस्थान नियमों के विरुद्ध बेसमेंट में संचालित हो रहे थे। गौरतलब है कि गोंडा शहर में इस समय 50 से अधिक कोचिंग और लाइब्रेरी चल रही हैं, जिनकी अब बारीकी से जांच की जा रही है।

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इन 8 बिंदुओं पर केंद्रित है फायर विभाग की जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल कागजों की जांच नहीं कर रहे, बल्कि मौके पर जाकर निम्नलिखित सुरक्षा इंतजामों को परख रहे हैं:

  1. अग्निशमन उपकरण: फायर एक्सटिंग्विशर (Agnishaman Yantra) की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी डेट।

  2. फायर फाइटिंग सिस्टम: क्या आग बुझाने का पूरा सिस्टम वर्किंग कंडीशन में है।

  3. इमरजेंसी गेट (Emergency Exit): आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता।

  4. एंट्री-एग्जिट पॉइंट: मुख्य दरवाजे की चौड़ाई और सुगमता।

  5. सीढ़ियों की चौड़ाई: क्या सीढ़ियां इतनी चौड़ी हैं कि भगदड़ की स्थिति न बने।

  6. इलेक्ट्रॉनिक पैनल और वायरिंग: शॉर्ट सर्किट के खतरे को टालने के लिए बिजली की तारों की स्थिति।

  7. वेंटिलेशन: हवा के आने-जाने के उचित इंतजाम।

  8. धुआं निकासी (Smoke Exhaust): आग लगने की सूरत में दम घुटने से बचाने के लिए धुआं बाहर निकालने की व्यवस्था।

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छात्रों को सिखाए गए बचाव के गुर, हुई मॉक ड्रिल

सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि छात्रों को जागरूक करने के लिए फायर विभाग द्वारा विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में मानस इंस्टीट्यूट और टॉमसन इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान दमकल कर्मियों ने छात्रों को लाइव डेमो देकर सिखाया कि आग लगने जैसी विषम परिस्थितियों में बिना घबराए खुद को और दूसरों को कैसे सुरक्षित बाहर निकालना है।

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जिला अधिकारी का सख्त रुख: बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

गोंडा की जिला अधिकारी (DM) प्रियंका निरंजन ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पूरे जिले में जहां भी कोचिंग और लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं, उनकी तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी संस्थान बिना तय मानकों के चलते पाए जाएंगे, उन्हें सील करने के साथ-साथ उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इससे कोई खिलवाड़ नहीं हो सकता।" — प्रियंका निरंजन, जिला अधिकारी, गोंडा

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