मैक्स अस्पताल, लखनऊ ने बढ़ते हृदय रोगों पर जागरूकता के लिए किया ‘हार्ट हेल्थ कार्निवल’ का आयोजन

Max Hospital, Lucknow organised 'Heart Health Carnival' to raise awareness on rising heart diseases
 
मैक्स अस्पताल, लखनऊ ने बढ़ते हृदय रोगों पर जागरूकता के लिए किया ‘हार्ट हेल्थ कार्निवल’ का आयोजन
लखनऊ (प्रत्यूष पाण्डेय)।  मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में शनिवार को ‘हार्ट हेल्थ कार्निवल’ का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से आए 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बढ़ते हृदय रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करना और हृदय स्वास्थ्य को लेकर बेहतर जीवनशैली अपनाने का संदेश देना था।

डॉ. नकुल सिन्हा, चेयरमैन, कार्डियोलॉजी एवं कार्डियक साइंसेज़, ने बताया कि पहले दिल की बीमारियों को केवल बुजुर्गों की समस्या माना जाता था, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और बदलते परिवेश ने इस बीमारी को युवाओं और किशोरों तक पहुँचा दिया है। डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और असंतुलित दिनचर्या इसके मुख्य कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि “हार्ट अटैक और अचानक मौत जैसी घटनाएं अब युवाओं में भी आम हो रही हैं। इसके अलावा, हृदय की पंपिंग क्षमता में कमी आने पर हार्ट फेल्योर जैसी स्थिति भी हो सकती है, जो कई बार सामान्य पंपिंग के बावजूद सामने आती है।”

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीयों में एक विशेष समस्या अत्यधिक आंतरिक चर्बी (विसरल फैट) की होती है, जो बिना अधिक मोटापा दिखे भी हृदय रोग का खतरा बढ़ाती है। साथ ही, कुछ दुर्लभ जेनेटिक कारण भी अचानक हृदय गति असामान्य कर सकते हैं, जो कभी-कभी जानलेवा साबित होते हैं।

डॉ. अम्बुकेश्वर सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, ने कहा कि साइलेंट हार्ट अटैक भी एक गंभीर समस्या है, जिसमें रोगी को सीने में दर्द या सांस फूलने जैसे सामान्य लक्षण महसूस नहीं होते। उन्होंने बताया कि “कुल हार्ट अटैक के 5% से 10% मामले ऐसे होते हैं, जिनमें मरीज को लक्षणों का अंदेशा भी नहीं होता, और ये मामले अधिकतर डायबिटीज़ रोगियों में पाए जाते हैं।”

कार्यक्रम में शामिल प्रो. डॉ. डी. प्रभाकरन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सेंटर फॉर क्रॉनिक डिज़ीज़ कंट्रोल (CCDC), ने कहा कि “वायु प्रदूषण भारत में बढ़ते हृदय रोगों का एक बड़ा कारण है। CCDC के शोध के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष 1.27 मिलियन लोगों की मृत्यु वायु प्रदूषण से होती है, जिनमें से आधी मौतें हृदय रोगों से जुड़ी होती हैं। प्रदूषण से दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा 48% तक बढ़ जाता है।”

कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए ज़ुम्बा सेशन, हृदय स्वास्थ्य पर नाटक, बलून लिफ्ट सेरेमनी और नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही, प्रतिभागियों को हार्ट-फ्रेंडली डाइट की जानकारी देने के लिए हेल्थ स्टॉल भी लगाए गए।

यह आयोजन विश्व हृदय दिवस के अवसर पर किया गया, जिसने न केवल लोगों को हृदय रोगों के प्रति सजग किया, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। इस पहल के माध्यम से मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने समाज में दिल की सेहत के महत्व को लेकर एक सकारात्मक संदेश दिया।

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