मेदांता अस्पताल ने ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत की , स्पाइन सर्जरी में सटीकता और सुरक्षा को मिला नया आयाम

Medanta Hospital launches O-Arm Spine Suite
A new dimension of precision and safety in spine surgery
 
मेदांता अस्पताल ने ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत की , स्पाइन सर्जरी में सटीकता और सुरक्षा को मिला नया आयाम

लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय):  उत्तर प्रदेश में स्पाइन और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए मेदांता अस्पताल, लखनऊ ने अत्याधुनिक ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत की है। इसके साथ ही मेदांता लखनऊ शहर का पहला अस्पताल बन गया है, जहां यह उन्नत इंट्रा-ऑपरेटिव इमेजिंग और नेविगेशन तकनीक उपलब्ध कराई गई है।

यह आधुनिक तकनीक ऑपरेशन थिएटर के भीतर ही रियल-टाइम में उच्च गुणवत्ता की 2डी और 3डी इमेजिंग उपलब्ध कराती है, जिससे स्पाइन और मस्तिष्क की जटिल सर्जरी अब पहले से अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

अब तक स्पाइन और क्रेनियल सर्जरी में एमआरआई या सीटी स्कैन ऑपरेशन से पहले या बाहर किए जाते थे, जबकि ओ-आर्म स्पाइन सुइट सर्जरी के दौरान ही शरीर के अंदर की स्पष्ट तस्वीरें दिखाता है। इसे स्पाइन सर्जरी का “जीपीएस सिस्टम” भी कहा जाता है, क्योंकि इससे सर्जन संकरे और संवेदनशील हिस्सों में भी सटीक नेविगेशन कर पाते हैं, जिससे ऑपरेशन की शुद्धता कई गुना बढ़ जाती है।

इस अवसर पर मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर एवं यूरोलॉजी व किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत मेदांता की उन्नत और भरोसेमंद इलाज की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा,“हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ओ-आर्म तकनीक से सर्जरी अधिक सुरक्षित होगी और मरीजों की रिकवरी तेज होगी।”

न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. कमलेश सिंह भैसोरा ने बताया कि यह तकनीक स्पाइन और ब्रेन सर्जरी में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। उन्होंने कहा,“सर्जरी के दौरान ही तीन-आयामी तस्वीरें मिलने से तुरंत सटीकता की पुष्टि हो जाती है। इससे चीरा छोटा रहता है, रक्तस्राव कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होता है।”

न्यूरोसर्जरी निदेशक डॉ. रवि शंकर ने कहा कि यह प्रणाली जटिल और जोखिम भरी सर्जरी में सुरक्षा को और मजबूत बनाती है।“ओ-आर्म लगातार नेविगेशन उपलब्ध कराता है, जिससे डॉक्टर कठिन स्थानों पर भी पूरे आत्मविश्वास के साथ सर्जरी कर सकते हैं।”ऑर्थोपेडिक्स और स्पाइन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. श्वेताभ वर्मा ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
“सटीक इम्प्लांट प्लेसमेंट और आसपास के टिश्यू को कम नुकसान होने से मरीजों को कम दर्द होता है और वे अक्सर दो-तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी पा लेते हैं।”

ओ-आर्म स्पाइन सुइट उन्नत इमेजिंग को कंप्यूटर आधारित नेविगेशन से जोड़ता है, जिससे ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली अधिक सुचारू होती है और रेडिएशन एक्सपोजर भी कम होता है। इस नई सुविधा से लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत स्पाइन उपचार का बड़ा लाभ मिलेगा और यह चिकित्सा क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा।

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