मेदांता ने शुरू किया ओरल कैंसर जागरूकता अभियान ‘टालो मत, पहचानो

दो सप्ताह से अधिक समय तक बने छाले, घाव या मुंह में असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करने की अपील
 
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लखनऊ डेस्क, आर.एल. पाण्डेय। मुंह का कैंसर कई बार ऐसे सामान्य दिखाई देने वाले लक्षणों से शुरू होता है, जिन्हें लोग लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। मुंह में ऐसा छाला या घाव जो ठीक न हो, सफेद या लाल दाग दिखाई देना अथवा लगातार किसी तरह का असामान्य बदलाव बने रहना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए मेदांता लखनऊ ने ओरल कैंसर जागरूकता अभियान ‘टालो मत, पहचानो’ शुरू किया है।

अभियान का उद्देश्य लोगों को ओरल कैंसर के शुरुआती संकेतों और जोखिम कारकों के प्रति जागरूक करना तथा लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है।

मेदांता के अनुसार भारत में हर साल करीब 1.4 लाख लोगों में मुंह के कैंसर की पहचान होती है। अभियान के माध्यम से तंबाकू सेवन, धूम्रपान और शराब को प्रमुख जोखिम कारकों के रूप में बताया गया है। इसके अलावा मुंह में लगातार रहने वाले घाव, नुकीले दांत तथा सही फिटिंग वाले नकली दांतों का न होना भी जोखिम बढ़ाने वाले कारक हो सकते हैं।

‘दो हफ्ते का नियम’ अपनाने की अपील

मेदांता के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि लोगों को अपनी सेहत में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को लेकर भी सजग रहना चाहिए। यदि मुंह का कोई घाव या छाला दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक ठीक नहीं होता, तो उसे सामान्य मानकर छोड़ने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना है। बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

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शुरुआती पहचान को बताया सबसे बड़ा बचाव

मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि ओरल कैंसर के मामले में शुरुआती पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, सफेद या लाल धब्बे तथा किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करने की अपील की।

उन्होंने तंबाकू और शराब जैसी जोखिम बढ़ाने वाली आदतों से बचने तथा आवश्यकता के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया।

‘S.M.I.L.E. चेक’ से पहचानें संभावित संकेत

अभियान के तहत लोगों को ओरल कैंसर के संभावित शुरुआती संकेतों को आसानी से याद रखने के लिए S.M.I.L.E. चेक की जानकारी दी जा रही है।

  • S – Sores: ऐसे घाव या छाले जो ठीक न हों
  • M – Mouth patches: मुंह में सफेद या लाल दाग
  • I – Ill-fitting dentures: सही फिटिंग वाले नकली दांतों का न होना
  • L – Loose teeth: दांतों का हिलना
  • E – Eating difficulty: खाना खाने में परेशानी

अभियान में ‘2 हफ्ते का नियम’ भी प्रमुखता से बताया गया है। यदि मुंह में कोई छाला, घाव या असामान्य दाग 14 दिनों से अधिक समय तक बना रहता है, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से इसकी जांच कराने की सलाह दी गई है।

मेदांता लखनऊ में बनाया गया जागरूकता जोन

इस पहल के तहत मेदांता लखनऊ में एक इंटरैक्टिव ओरल कैंसर जागरूकता जोन बनाया गया है, जहां लोगों को ओरल कैंसर के जोखिम और शुरुआती संकेतों से संबंधित जानकारी दी जा रही है। अभियान की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने मेदांता लखनऊ की ऑन्कोलॉजी टीम के साथ की।

मेदांता लखनऊ में हेड एंड नेक ऑन्को सर्जरी एवं कैंसर केयर के प्रमुख डॉ. विवेकानंद सिंह ने कहा कि ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान होने से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहती है।

विशेषज्ञों की टीम मिलकर करती है इलाज

मेदांता में ओरल कैंसर के उपचार के लिए विभिन्न विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम काम करती है। इसमें ईएनटी एवं हेड एंड नेक सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, डेंटल विशेषज्ञ, न्यूट्रिशनिस्ट तथा रिहैबिलिटेशन एवं रिस्टोरेटिव विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार की योजना तैयार करने के साथ ही बोलने, सामान्य कार्यक्षमता और उपचार के बाद बेहतर जीवन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देती है।

अभियान के तहत मेदांता की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल फिल्म और डॉक्टरों के जानकारीपरक वीडियो भी जारी किए गए हैं। इनके माध्यम से लोगों को मुंह में होने वाले असामान्य बदलावों को समय पर पहचानने और लक्षणों के गंभीर होने का इंतजार किए बिना चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मेदांता की हेल्पलाइन 88-0000-1068 पर संपर्क कर लोग स्वास्थ्य संबंधी सलाह और विशेषज्ञ चिकित्सकों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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