मेदांता लखनऊ ने शुरू की ‘हर घर, हर सोसायटी सुरक्षित’ पहल, लोगों को दी जाएगी फर्स्ट एड और CPR की ट्रेनिंग
लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर सही प्राथमिक सहायता मिलने से मरीज की स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकती है और कई मामलों में जीवन बचाने में भी मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से मेदांता लखनऊ ने ‘हर घर, हर सोसायटी सुरक्षित’ पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सोसायटी के निवासियों के साथ सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ को फर्स्ट एड और सीपीआर की ट्रेनिंग दी जाएगी।
पहल की शुरुआत 4 अक्टूबर को लखनऊ स्थित शालीमार वनवर्ल्ड विस्टा, टावर-ए के हॉल से हुई। यह कार्यक्रम मेदांता के ‘हर एक जान अनमोल’ विचार का हिस्सा है। इसके तहत सोसायटियों में इमरजेंसी फर्स्ट एड हब और फर्स्ट एड जोन बनाए जाएंगे, जहां जरूरत के समय प्राथमिक उपचार का जरूरी सामान उपलब्ध रहेगा।
डॉक्टर या एंबुलेंस पहुंचने तक मदद के लिए तैयार होंगे लोग
मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि इमरजेंसी की तैयारी केवल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लोगों को यह भी पता होना चाहिए कि संकट की स्थिति में उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए सोसायटी, आरडब्ल्यूए और वहां काम करने वाले स्टाफ के साथ मिलकर लोगों को जरूरी प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि हर सोसायटी में कुछ ऐसे प्रशिक्षित लोग मौजूद रहें, जो डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने तक जरूरतमंद व्यक्ति की सही तरीके से मदद कर सकें।
सुरक्षा गार्ड और स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण
पहल के तहत सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारियों और अन्य सोसायटी स्टाफ को ‘सुरक्षा चैंपियन’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें सीपीआर, बेसिक लाइफ सपोर्ट, डूबने की स्थिति में प्राथमिक सहायता, जिम में होने वाली चोटों, आग लगने की स्थिति में शुरुआती मदद तथा जानवर के काटने या डंक मारने पर आवश्यक प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्विमिंग पूल, जिम और बच्चों के खेलने की जगह जैसे संवेदनशील स्थानों पर जरूरी जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में लोगों को तुरंत आवश्यक जानकारी मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कराया CPR का अभ्यास
कार्यक्रम के दौरान मेदांता के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सोसायटी के निवासियों और स्टाफ को विभिन्न आपात स्थितियों में प्राथमिक सहायता के बारे में जानकारी दी। लोगों को सीपीआर का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही जानवर के काटने या डंक मारने पर फर्स्ट एड, डूबने की स्थिति में बचाव, फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल और शरीर में पानी की कमी से बचाव के उपाय भी बताए गए। कार्यक्रम में शामिल परिवारों को मेदांता सेफ होम गाइड, इमरजेंसी बुकलेट और फर्स्ट एड किट भी उपलब्ध कराई गईं।
मेदांता लखनऊ में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. महिम मित्तल ने कहा कि इलाज की प्रक्रिया केवल अस्पताल पहुंचने के बाद शुरू नहीं होती। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट, डूबने या अधिक रक्तस्राव जैसी स्थितियों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और उस दौरान आसपास मौजूद लोगों की मदद उपयोगी हो सकती है।
हर सप्ताह संदेश और हर महीने दोबारा ट्रेनिंग
पहल को लगातार प्रभावी बनाए रखने के लिए हर सप्ताह व्हाट्सऐप के जरिए छोटे-छोटे जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे। इसके अलावा हर महीने दोबारा प्रशिक्षण और प्रत्येक तीन महीने में अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे। बेहतर योगदान देने वाले लोगों को ‘सोसायटी हीरोज’ के रूप में सम्मानित भी किया जाएगा।
मेदांता के अनुसार, इस मॉडल को लखनऊ की अन्य सोसायटियों तक भी ले जाया जाएगा और आगे देश के दूसरे हिस्सों में विस्तार करने की योजना है। अस्पताल का कहना है कि लोगों की देखभाल केवल अस्पताल में इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित रखने की दिशा में जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।लखनऊ की सोसायटी और आरडब्ल्यूए इस पहल से जुड़ने के लिए मेदांता की सामुदायिक स्वास्थ्य टीम से 8542-9997958 पर संपर्क कर सकते हैं।
