Medical Marvel: लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने कमाल कर बचाई जान, बिना चीरे-टांके के मरीज को लगा एडवांस्ड 'लीडलेस पेसमेकर'

Medical Marvel: Doctors at Max Hospital, Lucknow, performed a remarkable feat to save a patient's life by implanting an advanced 'leadless pacemaker' without any incisions or stitches.
 
Medical Marvel: लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने कमाल कर बचाई जान, बिना चीरे-टांके के मरीज को लगा एडवांस्ड 'लीडलेस पेसमेकर'

Advanced Leadless Pacemaker Surgery Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है। यहाँ हजरतगंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (Max Super Speciality Hospital) के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और आधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने गंभीर हृदय रोग से पीड़ित एक 67 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की जान बचाने के लिए अत्याधुनिक ड्यूएल चैंबर लीडलेस पेसमेकर (Dual Chamber Leadless Pacemaker) तकनीक का इस्तेमाल किया। इस सफल और एडवांस्ड प्रक्रिया के बाद मरीज को सर्जरी के अगले ही दिन पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में अस्पताल से छुट्टी (Discharge) भी दे दी गई।

क्या थी मरीज की स्थिति और बीमारी?

67 वर्षीय मरीज को अचानक सीने में गंभीर असहजता, बेचैनी और दिल की धड़कनें बहुत तेज होने की शिकायत थी। इसके अलावा, पिछले तीन दिनों से उन्हें बार-बार बेहोशी (Syncope) आ रही थी, जिसके बाद परिजन उन्हें बेहद गंभीर हालत में मैक्स हॉस्पिटल के इमरजेंसी विभाग में लेकर पहुंचे।

अस्पताल में भर्ती करने के बाद जब कार्डियोलॉजी टीम ने मरीज की पूरी जांच की, तो पता चला कि वे 'सिक साइनस सिंड्रोम' (Sick Sinus Syndrome) नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। यह दिल की एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें दिल का प्राकृतिक पेसमेकर (SA Node) सामान्य रूप से धड़कन बनाने और उसे नियंत्रित रखने में पूरी तरह विफल हो जाता है।

पारंपरिक पेसमेकर बनाम आधुनिक 'लीडलेस पेसमेकर' तकनीक

मरीज की सक्रिय जीवनशैली (तैराकी और यात्रा का शौक) और उनकी स्थिति को देखते हुए मैक्स हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. दानिश हसन काज़मी के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने एक बड़ा और आधुनिक फैसला लिया। उन्होंने पारंपरिक पेसमेकर के बजाय दुनिया की सबसे एडवांस्ड 'एवीईआईआर डीआर ड्यूएल चैंबर लीडलेस पेसमेकर' (AVEIR DR Dual Chamber Leadless Pacemaker) तकनीक को चुना।

डॉ. दानिश हसन काज़मी ने इस तकनीक की खासियत बताते हुए कहा:

  • बिना चीरे और तारों के इलाज: पारंपरिक पेसमेकर में मरीज के सीने पर बड़ा चीरा लगाया जाता है, टांके आते हैं और तारों (Leads) के जरिए उपकरण को दिल से जोड़ा जाता है, जिससे सीने पर एक उभार दिखाई देता है।

  • कैथेटर तकनीक का कमाल: इस आधुनिक लीडलेस पेसमेकर में किसी भी तरह के सर्जिकल चीरे या टांके की आवश्यकता नहीं होती। इसे एक पतली नली (कैथेटर) के जरिए पैर की नस से सीधे दिल के भीतर प्रत्यारोपित (Implant) कर दिया जाता है।

 मरीज के लिए क्या हैं इस एडवांस्ड तकनीक के फायदे?

डॉ. दानिश हसन काज़मी ने आगे बताया: "एवीईआईआर डीआर तकनीक दिल की अनियमित धड़कनों के इलाज में एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह बिना किसी तार (Wireless) और बिना सर्जिकल पॉकेट के फिजियोलॉजिकल ड्यूल चैंबर पेसिंग प्रदान करती है। इससे सर्जरी के दौरान होने वाले इन्फेक्शन और अन्य जटिलताओं का जोखिम लगभग शून्य हो जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज सीने पर किसी निशान या रोजमर्रा की गतिविधियों पर बिना किसी रोक-टोक के बहुत जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या और तैराकी जैसी आदतों में लौट सकता है। हमें गर्व है कि अब लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए यह विश्वस्तरीय तकनीक हमारे अस्पताल में उपलब्ध है।"

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा की गई इस सफल एडवांस्ड कार्डिएक इंटरवेंशन प्रक्रिया ने क्षेत्र में दिल के इलाज के लिए अस्पताल की पहचान को एक वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत कर दिया है।

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