ब्रिक्स देशों के सांख्यिकी प्रमुखों की बैठक संपन्न, गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों और एआई आधारित डेटा सिस्टम पर हुआ मंथन
लखनऊ। ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (एनएसओ) के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को लखनऊ में "परिवर्तन के प्रेरक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी" विषय के साथ संपन्न हुई। यह आयोजन ब्रिक्स के व्यापक विषय "सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास" के अनुरूप आयोजित किया गया। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों सहित 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बैठक के दूसरे दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में आधुनिक सर्वेक्षण पद्धतियों, डिजिटल डेटा संग्रहण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और व्यापक आर्थिक सांख्यिकी को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डिजिटल सर्वेक्षण और एआई के उपयोग पर जोर
'ब्रिक्स सहयोग की संभावनाओं के लिए साझा नवाचार क्षेत्रों की पहचान' विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र-III में भारत और मिस्र ने डिजिटल सर्वेक्षण प्रणालियों के अपने अनुभव साझा किए। भारत ने पारंपरिक कागजी सर्वेक्षणों से क्लाउड-आधारित ई-सिग्मा (e-SIGMA) प्लेटफॉर्म की ओर बदलाव की प्रक्रिया और उससे प्राप्त अनुभवों को प्रस्तुत किया। यह कंप्यूटर-असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू (CAPI) आधारित प्रणाली बड़े पैमाने पर सर्वेक्षणों के प्रभावी संचालन के लिए विकसित की गई है।
मिस्र ने आधिकारिक आंकड़ों के संकलन में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के उपयोग पर प्रकाश डाला। साथ ही सर्वेक्षण प्रक्रियाओं में एआई और प्रशासनिक डेटा के बेहतर उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
राष्ट्रीय लेखा प्रणाली पर साझा किए अनुभव
तकनीकी सत्र-IV में सदस्य देशों ने व्यापक आर्थिक और क्षेत्रीय सांख्यिकी को सुदृढ़ करने के लिए अपनाई गई रणनीतियों पर चर्चा की। भारत ने राष्ट्रीय लेखा प्रणाली-2025 (SNA 2025) के कार्यान्वयन का अपना रोडमैप प्रस्तुत किया और आधिकारिक सांख्यिकी में प्रशासनिक डेटा के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।
चीन ने एसएनए-2025 को लागू करने के अपने शुरुआती अनुभव साझा किए, जबकि ब्राजील ने ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त वैकल्पिक डेटा स्रोतों के उपयोग को सांख्यिकीय गुणवत्ता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। इंडोनेशिया ने भी एसएनए-2025 और आईएसआईसी-5 को अपनाने की अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की।
एआई-रेडी पब्लिक डेटा सिस्टम पर विशेष कार्यक्रम
बैठक के समानांतर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने जनाग्रह सेंटर फॉर सिटिजनशिप एंड डेमोक्रेसी के सहयोग से "विकसित होते डेटा इकोसिस्टम में एआई-रेडी पब्लिक डेटा सिस्टम का निर्माण" विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
इस दौरान विशेषज्ञों ने भरोसेमंद, उच्च गुणवत्ता वाले और अंतरसंचालनीय सार्वजनिक डेटा सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत, दक्षिण अफ्रीका, रूस, इंडोनेशिया, चीन, संयुक्त अरब अमीरात सहित विभिन्न देशों ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा में डेटा गवर्नेंस, मेटाडेटा मानकीकरण, संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण को एआई आधारित शासन व्यवस्था की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति
बैठक के दौरान भारत के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और बीपीएस-सांख्यिकी इंडोनेशिया के बीच आधिकारिक सांख्यिकी, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक आशय पत्र (Letter of Intent - LOI) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी नवाचार, मानव संसाधन विकास, एआई, मेटाडेटा मानकीकरण और ओपन डेटा जैसे क्षेत्रों में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
संयुक्त वक्तव्य के साथ बैठक का समापन
दो दिवसीय सम्मेलन का समापन ब्रिक्स देशों के संयुक्त वक्तव्य को औपचारिक रूप से अपनाने के साथ हुआ। इस संयुक्त घोषणा को सदस्य देशों के बीच सांख्यिकीय ढांचे को और मजबूत बनाने, पारदर्शी एवं विश्वसनीय आधिकारिक आंकड़ों को बढ़ावा देने तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

