Mega Business Deal: 2.7 अरब डॉलर में बिकेगी पिज्जा हट; पैरेंट कंपनी यम ब्रांड्स ने दो अलग-अलग कंपनियों के साथ किया सौदा
दुनियाभर में पिज्जा प्रेमियों के बीच अपनी खास पहचान रखने वाली दिग्गज फास्ट-फूड चेन 'पिज्जा हट' (Pizza Hut) को लेकर एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। पिज्जा हट की पैरेंट कंपनी 'यम! ब्रांड्स' (Yum! Brands) ने अपने रणनीतिक पुनर्गठन (Strategic Restructuring) के तहत इस ब्रांड के ग्लोबल बिजनेस को कुल 2.7 अरब डॉलर (उद्यम मूल्य) में बेचने के लिए दो अलग-अलग पक्के समझौते किए हैं।
यम ब्रांड्स के पास पिज्जा हट के अलावा केएफसी (KFC), टैको बेल (Taco Bell) और हैबिट बर्गर एंड ग्रिल जैसे कई बड़े इंटरनेशनल ब्रांड्स का स्वामित्व है।
दो हिस्सों में बिका पिज्जा हट का ग्लोबल बिजनेस
यम ब्रांड्स द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पिज्जा हट के वैश्विक कारोबार को दो अलग-अलग खरीदारों को सौंपा जा रहा है:
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मुख्यभूमि चीन के बाहर का बिजनेस: चीन को छोड़कर दुनिया के बाकी हिस्सों में पिज्जा हट के संचालन (Operations) को प्राइवेट इक्विटी फर्म 'लॉन्गरेंज कैपिटल' (Longrange Capital) खरीदेगी। यह सौदा लगभग 1.5 अरब डॉलर में तय हुआ है।
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चीन का बिजनेस: चीन के घरेलू बाजार में पिज्जा हट के पूरे कारोबार को 'यम चाइना होल्डिंग्स' (Yum China Holdings) द्वारा खरीदा जाएगा, जिसके लिए यह कंपनी करीब 1.2 अरब डॉलर का भुगतान करेगी।
टैक्स के बाद यम ब्रांड्स को मिलेंगे 2.3 अरब डॉलर:
यम ब्रांड्स ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों सौदों के पूरा होने के बाद टैक्स और अन्य वित्तीय समायोजनों को काटकर कंपनी को लगभग 2.3 अरब डॉलर की शुद्ध राशि (Net Proceeds) प्राप्त होगी। हालांकि, इस पूरी सेपरेशन (अलग करने की) प्रक्रिया को कानूनी रूप से लागू करने के लिए साल 2026 की शेष अवधि में कंपनी को करीब 8.5 करोड़ डॉलर का एकमुश्त (One-time) खर्च भी उठाना पड़ेगा।
नवंबर 2025 में शुरू हुई थी समीक्षा; 2026 की तीसरी तिमाही में पूरी होगी डील
कंपनी प्रबंधन ने बताया कि पिज्जा हट को अलग करने का यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। यह डील नवंबर 2025 में शुरू की गई एक आंतरिक रणनीतिक समीक्षा का परिणाम है। आवश्यक नियामकीय मंजूरियों (Regulatory Approvals) और अन्य कानूनी शर्तों के अधीन, इस सौदे के साल 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 2026) तक पूरी तरह से संपन्न होने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद यम ब्रांड्स अपने वित्तीय नतीजों में पिज्जा हट के आंकड़ों को अलग से जारी करना बंद कर देगी।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
यम ब्रांड्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिस टर्नर ने इस ऐतिहासिक सौदे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा इन लेन-देन के सफल समापन से कंपनी को अपने मुख्य और अधिक मुनाफे वाले बिजनेस मॉडल्स पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। यह रणनीतिक कदम कंपनी के दीर्घकालिक मूल्य सृजन (Long-term Value Creation) को बढ़ावा देने और शेयरधारकों के हितों की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित होगा।"
इसके साथ ही, यम ब्रांड्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्तीय रूप से खुद को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त चार अरब डॉलर के शेयर पुनर्खरीद (Share Buyback) प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।
155 देशों में नेटवर्क; भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?
वर्तमान में यम! ब्रांड्स दुनिया के 155 देशों में 63,000 से भी अधिक रेस्टॉरेंट्स का एक विशाल नेटवर्क संचालित करती है। अगर भारतीय बाजार की बात करें, तो भारत में यम ब्रांड्स की यूनिट विभिन्न स्थानीय फ्रेंचाइजी पार्टनर्स (जैसे देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स) के सहयोग से 2,000 से अधिक आउटलेट्स का संचालन करती है। इस वैश्विक सौदे के बाद भी स्थानीय स्तर पर फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत आउटलेट्स का संचालन सुचारू रूप से जारी रहने की उम्मीद है।
