गोयल इंस्टीट्यूट में इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 का भव्य आयोजन

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर श्रेणियों में 70 से अधिक छात्र टीमों ने लिया हिस्सा, 50 टीमें अगले चरण के लिए चयनित
 
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लखनऊ, 2 सितंबर 2026। गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, लखनऊ में इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH)-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. ऋषि अस्थाना ने किया। इस अवसर पर डीन डॉ. देवेंद्र अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

हैकाथॉन में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों श्रेणियों में 70 से अधिक छात्र टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागी विद्यार्थियों ने समसामयिक चुनौतियों और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए अपने तकनीकी मॉडल एवं नवाचार प्रस्तुत किए।

नवाचार और तकनीकी क्षमता बनी मूल्यांकन का आधार

प्रतियोगिता के दौरान छात्र टीमों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया। इनमें नवाचार, तकनीकी व्यवहार्यता, सामाजिक प्रभाव और प्रस्तुतीकरण को प्रमुख आधार बनाया गया। मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली 50 टीमों का अगले चरण के लिए चयन किया गया।

हैकाथॉन में विद्यार्थियों ने तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमता का भी प्रदर्शन किया। विभिन्न टीमों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक के माध्यम से सामाजिक और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिखाई दिया।

विशेषज्ञों ने किया प्रतिभागियों का मूल्यांकन

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल रहे। निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त मुख्य विद्युत अभियंता श्री डी.डी. मिश्रा, श्री आशीष वर्मा (Accenture), सुश्री खुशी कुमारी (CSG Technosole), श्री गौरव पांडेय (Kirloskar), श्री दीपक वर्मा (GeneBio Healthcare) तथा श्री तुषार श्रीवास्तव (Consultant, UPNEDA) शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का तकनीकी एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन किया और उनके नवाचार को परखा।

विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा

इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनके तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में नवाचार, उद्यमिता, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ावा मिला।

संस्थान के अनुसार, इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और उन्हें तकनीक आधारित नए विचारों को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हैकाथॉन ने गोयल इंस्टीट्यूट की उद्योगोन्मुखी और नवाचार आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

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