लखनऊ में 'मेइपाडम् वेलनेस मूवमेंट' का शंखनाद: S.R. ग्लोबल स्कूल में हजारों ने लिया बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प
सामूहिक अभ्यास और संकल्प
इस स्वास्थ्य महाकुंभ में S.R. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन और सूर्या अकादमी के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने एक साथ मिलकर 'मेइपाडम्' (Meipadam) एक्सरसाइज की और समाज को निरोगी रहने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन ने न केवल फिटनेस बल्कि अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का भी अनूठा उदाहरण पेश किया।
दिग्गज चिकित्सकों और विशेषज्ञों का जमावड़ा
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए देशभर से प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। प्रमुख उपस्थित लोगों में शामिल थे:
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डॉ. वी. बी. नारायणमूर्ति (अध्यक्ष, डायबिटिक फुट सोसाइटी ऑफ इंडिया)
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डॉ. बी. पी. सुब्रमण्या, डॉ. बी. आर. श्रीनिवास, डॉ. एम. सी. श्रीलता
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डॉ. विकास कक्कड़, डॉ. हर्ष वर्धन, डॉ. अनामिका पांडेय
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रोशन पांडेय, दर्शना भट्टाचार्य और दीपाली वासवानी।
साधना और तकनीक का संगम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय पवन सिंह चौहान (MLC एवं चेयरमैन, S.R. ग्रुप) ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
विशेष प्रशिक्षण सत्र में ग्रैंड मास्टर कलैमामणि जोथी सेंथिल कन्नन और डॉ. वी. बी. नारायणमूर्ति ने प्रतिभागियों को 'मेइपाडम्' और 'कार्लाकट्टई' (Karlakattai) जैसी प्राचीन तकनीकों के गुर सिखाए।
क्या है 'मेइपाडम्' और इसके लाभ?
तमिल भाषा में मेइपाडम् का अर्थ है 'शरीर के लिए सबक'। यह एक प्राचीन व्यायाम पद्धति है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
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डायबिटीज नियंत्रण: यह मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन में अत्यंत प्रभावी है।
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लचीलापन: शरीर की ऊर्जा और फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाता है।
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मानसिक शांति: तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक।
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सर्वव्यापी: यह हर आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए सरल और परिणामोन्मुख है।
सहयोग और आभार
यह सफल आयोजन Women of Wisdom India एवं Vikash Path Vikram के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें Dainik Jagran iNext ने मीडिया पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में पीयूष सिंह चौहान (वाइस चेयरमैन एवं शिक्षाविद) ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि भविष्य में भी जनहितकारी स्वास्थ्य अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा ताकि एक 'स्वस्थ और सशक्त भारत' का निर्माण हो सके।


