केकेसी में ‘मेधा संवर्धन 2026’ का भव्य समापन, 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया प्रतिभाग
लखनऊ। श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय (केकेसी), लखनऊ में आयोजित 24वीं वार्षिक युवा सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘मेधा संवर्धन 2026’ का शनिवार को पुरस्कार वितरण एवं प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ नगर निगम के उपाध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी तथा प्रख्यात रंगकर्मी एवं अभिनेता और महाविद्यालय के पूर्व छात्र प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बाबू बनारसी दास वार्ड के पार्षद आशीष हितैषी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. केके शुक्ला द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने दो दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही सभी प्रतिभागियों को आगामी अंतरमहाविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘दिव्यांकुर’ के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य टीएन मिश्रा ने की।
महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति की संयोजक प्रो. अलका शर्मा ने दो दिनों तक आयोजित प्रतियोगिताओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ‘मेधा संवर्धन 2026’ की थीम ‘युवा शक्ति, सृजन व संस्कृति का संगम’ रखी गई थी। इसके अंतर्गत लोकनृत्य, लोकगीत, सुगम संगीत, नृत्य नाटिका, फैशन शो, संस्कृति स्टॉल, डॉक्यूमेंट्री फिल्म, पोस्टर निर्माण, रंगोली, मेहंदी और नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय के 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि मेधा संवर्धन की विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को आगामी 2 एवं 3 नवंबर को आयोजित होने वाली अंतरमहाविद्यालयी प्रतियोगिता ‘दिव्यांकुर’ में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
समापन दिवस पर विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीतों और संगीत की स्वर लहरियों ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया। कसक एवं उनकी टीम ने मिथिलांचल का पारंपरिक विवाह गीत ‘आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारो दूल्हा में बड़का कमाल सखिया’ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं करन एवं उनकी टीम की ‘देवा श्री गणेशा’ प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय हो गया। रश्मि ने ‘तोरा मन दर्पण कहलाए’ गीत सुनाकर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। महक एवं उनकी टीम ने ‘पानी के जहाज से पलटनिया बनि अइह पिया, ले ले आई है पिया सेनुरा बंगाल से’ जैसे लोकगीत के माध्यम से लोकसंस्कृति की खूबसूरती को मंच पर जीवंत कर दिया।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिकूल मौसम और चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का असर भी विद्यार्थियों के उत्साह को कम नहीं कर सका। छात्र-छात्राओं ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, रचनात्मकता और समर्पण के बल पर युवा हर चुनौती का सामसमारोह का संचालन डॉ. हरगुन साहनी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति के सदस्य, शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
