मेधावी छात्र सम्मान समारोह: बृज भूषण शरण सिंह ने दिया सफलता का मंत्र
पूर्व सांसद श्री बृज भूषण शरण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत आरंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरणादायक शुभकामनाएँ दीं।

बृज भूषण शरण सिंह का प्रेरणादायक संदेश
अपने संबोधन में, श्री बृज भूषण शरण सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहामेधा किसी की मोहताज नहीं होती। लक्ष्य बड़ा रखिए और ईमानदार मेहनत कीजिए। योग्य बनिए, आपका सम्मान स्वयं आपका पीछा करेगा।"उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में शॉर्टकट से बचें, क्योंकि मेहनत और लगन ही सफलता की सच्ची कुंजी है। उन्होंने छात्रों से ईमानदारी से अपनी कमियों को पहचानकर उन पर कार्य करने का आग्रह किया, जिससे सफलता निश्चित हो सकेगी। उन्होंने आगे जोड़ा कि "प्रतिभा को अवसर अवश्य मिलता है, लेकिन अवसर उन्हीं के पास जाता है जो निरंतर प्रयास करते हैं।" उन्होंने मेधावी छात्रों को परिवार, समाज और देश का भविष्य बताया।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और कार्यक्रम की सराहना
श्री सिंह ने संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में नई ऊर्जा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं।
इस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
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विधायक बलरामपुर सदर पलटू राम
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जिला अध्यक्ष भाजपा बलरामपुर रवि मिश्रा
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चेयरमैन डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू
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जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी
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ब्लॉक प्रमुख श्रीदत्तगंज हेमंत जायसवाल
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अन्य सम्मानित व्यक्ति जैसे जन्मेजय सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह गुड्डू, राकेश सिंह, राम कृपाल शुक्ला, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजय शुक्ला, शुभेंद्र मिश्र, और शिवम मिश्रा।
इनके अतिरिक्त, अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित थे।

समारोह की मुख्य बातें
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पूरे जिले के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
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मेधावी छात्रों को प्रमाणपत्र, प्रतीक चिन्ह (ट्रॉफी/मेडल) और प्रेरणादायक संदेश प्रदान किए गए।
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संस्था परिसर में उत्साह, गर्व और खुशी का माहौल व्याप्त रहा।
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कार्यक्रम का संचालन उत्कृष्ट व्यवस्था और उच्च अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
