कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा को लेकर आगरा पहुंचे मिशन निदेशक पुलकित खरे, लापरवाही पर दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
आगरा/लखनऊ। पुलकित खरे ने शुक्रवार को आगरा मंडल के जनपदों आगरा, मथुरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद के जिला समन्वयकों (DCs) और MIS प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर कौशल विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’, SSDF, DDU-GKY और ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, निरीक्षण व्यवस्था, नामांकन, प्लेसमेंट और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। मिशन निदेशक ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है।
पुलकित खरे ने जानकारी दी कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का बजट 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा को कक्षा 9 और 11 में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि छात्रों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेड चयन छात्रों की रुचि और स्थानीय सर्वे के आधार पर किया जाए, न कि ट्रेनिंग पार्टनर्स के दबाव में।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मिशन निदेशक ने ‘कौशल दृष्टि’ पोर्टल के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से केवल वही निरीक्षण मान्य होंगे, जिन्हें फोटो और जियो-टैगिंग के साथ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही जिला समन्वयकों को सप्ताह में कम से कम एक औचक निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की चेतावनी भी दी गई।

उन्होंने SSDF योजना के अंतर्गत 11 मई तक सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर बैच शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि अप्रूवल प्रक्रिया में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले टॉप 10 जिलों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत फिजिकल वेरिफिकेशन और भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया। मिशन निदेशक ने कहा कि यदि फोन कॉल के जरिए सत्यापन संतोषजनक न हो तो संबंधित अभ्यर्थी के घर जाकर जांच की जाए। उन्होंने सभी DCs और DPMs को निर्देश दिए कि तीन दिन के भीतर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी की जाए।
पुलकित खरे ने यह भी कहा कि बिना उचित सत्यापन के फाइलों को मंजूरी देने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन केवल DPM की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरी टीम — DC, DPM, BPM और MIS — की संयुक्त जिम्मेदारी है।
बैठक में महिलाओं, दिव्यांगजनों और जीरो पॉवर्टी श्रेणी के युवाओं के प्रशिक्षण और नामांकन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। मिशन निदेशक ने कहा कि ग्राम प्रधानों और BDO के माध्यम से गांव स्तर तक संपर्क स्थापित कर जरूरतमंद युवाओं को प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि जीरो पॉवर्टी श्रेणी का नामांकन 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.8 प्रतिशत किया गया है और लक्ष्य इसे 3 से 5 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘कौशल पंजी’ पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को नजदीकी प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 400 फर्जी और निष्क्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स को डी-एम्पैनल कर सिस्टम से बाहर किया जा चुका है।
मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया कि किसी भी ट्रेनिंग पार्टनर के दबाव में न आया जाए और यदि कोई संस्थान केवल आर्थिक लाभ के उद्देश्य से गलत तरीके से बैच चला रहा है या उसकी लैब मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले बैचों के लिए पहले से प्लेसमेंट प्लान तैयार करने और स्कूल समय के बाद वोकेशनल कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए।
