मिशन शक्ति 5.0 : शाहजहाँपुर में एनीमिया के खिलाफ ऐतिहासिक जनआंदोलन
सामूहिक प्रयास बना प्रेरणा
इस अभियान के दौरान 1,068 पंचायत भवन, 2,267 विद्यालय, 2,663 आंगनवाड़ी केंद्र, 300 आरोग्य मंदिर और सैकड़ों निजी शिक्षण संस्थान सक्रिय रूप से शामिल हुए। अधिकारियों, चिकित्सकों और फ्रंटलाइन वर्कर्स ने स्वयं गोली खाकर इस पहल की शुरुआत की, जिसके बाद यह अभियान जनभागीदारी का प्रतीक बन गया।
जवाबदेही की अनूठी व्यवस्था
प्रत्येक महिला को निःशुल्क IFA गोली की एक स्ट्रिप दी गई। सेवन की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु व्यवस्था की गई कि महिलाएँ खाली ब्लिस्टर पैकेट पंचायत भवन में लौटाएँ और हर 11वें दिन नई स्ट्रिप प्राप्त करें। इससे अनुशासन और जवाबदेही दोनों मजबूत हुए।
विज्ञान और परंपरा का संगम
महिलाओं को समझाया गया कि गोली का सेवन चाय, कॉफी या कैल्शियम के साथ न करें, बल्कि नींबू पानी, आंवला या खट्टे फलों के साथ करें ताकि असर अधिक हो। इस तरह अभियान ने स्वास्थ्य जागरूकता को आसान और व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी भागीदारी
पंजीकरण हेतु एक डिजिटल पोर्टल और घर-घर क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए। महिलाएँ पोर्टल से प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकती थीं। दोपहर 2 बजे तक ही 2.65 लाख से अधिक प्रमाणपत्र डाउनलोड हो चुके थे। यूनिक नंबर आधारित इन प्रमाणपत्रों से प्रतिभागियों को लकी ड्रा में शामिल किया गया, जिसमें फ्रिज, वॉशिंग मशीन और टीवी जैसे आकर्षक पुरस्कार रखे गए।

प्रतियोगिताओं ने जोड़ा जनसरोकार
जनभागीदारी को और बढ़ाने के लिए रंगोली, फोटोग्राफी और सोशल मीडिया प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इससे अभियान केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे जिले का उत्सव और सामूहिक आंदोलन बन गया।
एक मॉडल पहल
शाहजहाँपुर का यह ऐतिहासिक प्रयास साबित करता है कि प्रशासन, समाज और विज्ञान जब एक साथ आते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत चला यह अभियान प्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में सामने आया है।


