MLFF System: राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुरू हुआ मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम, माध्यमिक शिक्षा विभाग के वाहनों के लिए जारी हुए ये निर्देश
भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा देश के सभी फोर-लेन और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध तरीके से मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम को लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन को देखते हुए उत्तर प्रदेश के शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय ने लखनऊ मंडल के शिक्षा विभाग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत विभाग के उन सभी शासकीय वाहनों के लिए एनुअल फास्टैग पास (Annual FASTag Pass) अपनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जो 'एक्सएम्प्टेड फास्टैग' (टोल टैक्स से छूट प्राप्त) की पात्रता श्रेणी में शामिल नहीं हैं।
क्या है नई व्यवस्था और वार्षिक पास के नियम?
मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने इस नई व्यवस्था और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के बारे में विस्तार से जानकारी दी:
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वार्षिक पास की सुविधा: जो अधिकारी या शासकीय वाहन पूरी तरह से टोल फ्री श्रेणी में नहीं आते हैं, उनके लिए फास्टैग वार्षिक पास की व्यवस्था की गई है।
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शुल्क और वैधता: इस व्यवस्था के अंतर्गत 3,075 रुपये के शुल्क पर एक वर्ष की वैधता दी गई है, जिसके तहत 200 टोल-फ्री यात्राएं की जा सकती हैं।
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अधिकारियों को भी सुविधा: ऐसे सभी विभागीय अधिकारी जो सरकारी कार्यों के सिलसिले में राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर नियमित रूप से सफर करते हैं, वे भी अपनी जरूरत के अनुसार इस एनुअल पास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
लखनऊ मंडल के इन 6 जिलों में लागू हुआ आदेश
संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मंडल) कार्यालय की ओर से इस संबंध में मंडल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालयों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश भेज दिए गए हैं। इस आदेश के दायरे में लखनऊ मंडल के सभी 6 जिले शामिल हैं:
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लखनऊ
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हरदोई
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रायबरेली
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सीतापुर
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लखीमपुर खीरी
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उन्नाव
शिक्षा निदेशक माध्यमिक कार्यालय द्वारा भेजी गई एसओपी (SOP) के क्रम में इन सभी जनपदों के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों को अपने-अपने विभाग से संबंधित वाहनों के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
